कान में बुंदे की तरह होगा कंप्यूटर | विज्ञान | DW | 03.03.2014
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विज्ञान

कान में बुंदे की तरह होगा कंप्यूटर

तकनीक जगत में कई खोज ऐसी हो रही हैं जो किसी समय में फिल्मी या काल्पनिक दुनिया की बात लगती थी. कभी सोचा है अगर 17 ग्राम के कंप्यूटर को कान में बुंदे की तरह पहना जा सके, और यह चेहरे के हावभाव से नियंत्रित हो?

जापान के वैज्ञानिक ऐसे ही कंप्यूटर की टेस्टिंग कर रहे हैं. इसे आंख के इशारे से, जीभ घुमाने या भंवे चढ़ाने से भी नियंत्रित किया जा सकेगा. यूं कहिए कि यह इंसान के तीसरे हाथ जैसा होगा, जिस तरह हाथों को मस्तिष्क नियंत्रित करता है और एक इशारे पर वे शरीर की जरूरत के हिसाब से काम करते हैं वैसे ही यह कंप्यूटर भी काम करेगा. बीमार पड़ने से पहले यह आपको बता देगा कि शरीर को क्या तकलीफ होने वाली है. उपकरण यह भी बता सकेगा कि आप जिस सितारे को घूर रहे हैं उसे कहीं दूर बैठा और कौन घूर रहा है.

कैसे करता है काम

बिना तार वाले इस कंप्यूटर का वजन मात्र 17 ग्राम है. इसमें ब्लूटूथ के साथ जीपीआरएस, बैटरी, सेंसर, बैरोमीटर, स्पीकर और माइक्रोफोन भी मौजूद हैं. फिलहाल इसे 'इयरक्लिप टाइप वियरेबल पीसी' नाम दिया गया है. आंख झपकने के साथ फोटो खींचने वाले गूगल ग्लास के बाद यह तकनीक की दुनिया में एक और ऐसी उपलब्धि होगी जिसमें तकनीक आंख के इशारे पर काम करेगी.

इस छोटे से कंप्यूटर में इंफ्रारेड सेंसर लगे हैं जो कान के अंदर होने वाली छोटी से छोटी हलचल को भांप लेते हैं. मुंह का आंख किस तरह के संकेत करते हैं उसी के आधार पर हलचल में भी अंतर होगा जो कंप्यूटर को समझ आ जाएगा. रिसर्चरों का कहना है कि यह इंसान के तीसरे हाथ जैसा होगा क्योंकि इसके रहते उन्हें बाकी दो हाथ हिलाने की जरूरत नहीं होगी.

हिरोशिमा सिटी यूनिवर्सिटी के इंजीनियर काजूहिरो तानिगूची ने बताया कि इस वियरेबल पीसी में एक माइक्रोचिप और डाटा स्टोरेज की भी सुविधा है, जिसकी मदद से उपभोक्ता सॉफ्टवेयर भी डाउनलोड कर सकेंगे. इसका डिजाइन जापान के पारंपरिक इकेबाना फूल के जैसा है.

तानिगूची ने बताया, "हमने इसे यह सोच कर तैयार किया है कि लोग जैसे कान में बुंदा पहनते हैं वैसे ही इसे भी पहन सकेंगे." टीम के रिसर्चरों को उम्मीद है कि दिसंबर 2015 तक सारे परीक्षण पूरे हो जाएंगे. इसे उपभोक्ता अपने आईपॉड या किसी अन्य उपकरण से कनेक्ट करके भी इस्तेमाल कर सकेंगे. चेहरे की भाव भंगिमाओं से उपभोक्ता इसे नियंत्रित कर सकेंगे.

क्या क्या करेगा उपकरण

यह उपकरण मोटर बाइकिंग और माउंटेनियरिंग करने वालों के अलावा किसी तरह की शारीरिक असमर्थता वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है. तानिगूची कहते हैं, "मान लीजिए मैं पहाड़ी चढ़ रहा हूं, ऊपर देखने पर अगर मुझे चमकते हुए सितारे दिखाई देते हैं तो उपकरण मुझे बता सकता है कि वे क्या हैं. मैं जान सकता हूं कि मैं कितनी ऊंचाई पर हूं, किस दिशा में और कितने कोण पर देख रहा हूं. उपकरण मुझे सब कुछ बता सकता है. वह यह भी बता सकता है कि चमकता हुआ सितारा सायरस है क्या?"

इस उपकरण को अपने स्मार्टफोन से जोड़ कर आप दूर बैठे लोगों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं. तानिगूची ने आगे बताया कि यह उपकरण आपको किसी ऐसे इंसान से संपर्क में ला सकता है जो वही कर रहा है जो आप कर रहे हैं, या वही सितारा देख रहा है जिसे आप देख रहे हैं.

जापान में बूढ़े लोगों की देखभाल एक बड़ी समस्या है. इस उपकरण की मदद से उपभोक्ता अपने करीबी किसी बूढ़े व्यक्ति के बारे में भी पता रख सकते हैं. इसे सुनने में मदद के लिए भी इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद की जा रही है. इसे पहनने वाले का स्वास्थ्य भी उपकरण चेक करता रहेगा. शरीर का तापमान या रक्तचाप कितना है, काम के बीच में उपभोक्ता कितनी बार खांसता या छींकता है, यह उपकरण बीमार पड़ने से पहले ही बीमारी की चेतावनी दे देगा. हिरोशिमा में चल रहे टेस्ट अगर कामयाब होते हैं को अप्रैल 2016 तक यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा.

एसएफ/एमजे (एएफपी)

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