′कसाब भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने का दोषी′ | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 03.05.2010
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जर्मन चुनाव

'कसाब भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने का दोषी'

दो साल पहले मुंबई में हुए आतंकी हमले के एकमात्र जीवित बचे पाकिस्तानी बंदूकधारी मोहम्मद अजमल आमीर कसाब को हत्या और भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने का दोषी पाया गया है.

सीएसटी पर सीसीटीवी की तस्वीर में कसाब

सीएसटी पर सीसीटीवी की तस्वीर में कसाब

मुक़दमे की सुनवाई कर रहे जज एम एल तहलियानी ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा, "आपको भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने, रेल स्टेशन सीएसटी पर लोगों को मारने, सरकारी अधिकारियों की हत्या करने और अन्य 9 आतंकवादियों को उकसाने का दोषी पाया गया है."

Flash-Galerie Anschläge Mumbai Indien 2008

26 नवम्बर को शुरू हुआ हमला

22 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक कसाब को मुंबई आतंकी हमलों के दौरान पकड़ा गया था. नवम्बर 2008 में हुए हमले में 166 लोग मारे गए थे. वह एकमात्र हमलावर था जिसे घायल अवस्था में जीवित पकड़ा गया था.

दो भारतीय नागरिकों को, जिनपर पाकिस्तानी उग्रपंथी संगठन लश्करे तैयबा का सदस्य होने और हमले से पहले मुंबई में लक्ष्यों का सर्वेक्षण करने का आरोप लगाया गया था, सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया. भारत ने मुंबई आतंकी हमले के सिलसिले में 38 लोगों पर मुक़दमा दायर किया था, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तान में रहते हैं.

Bildgalerie Jahresrückblick 2008 November Indien

ताज सहित लक्ज़री होटलों पर निशाना

मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध अत्यंत बिगड़ गए थे और भारत ने पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता रोक दी थी. भारत का आरोप है कि हमलावर पाकिस्तानी थे. पाकिस्तान सरकार लम्बे समय तक कसाब को पाकिस्तानी मानने से इंकार करती रही थी. भारत द्वारा लगातार कई सबूत दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई से भारत संतुष्ट नहीं है. पिछले सप्ताह थिम्पु में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी से अपनी मुलाक़ात में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक फिर यह मुद्दा उठाया.

भारत के गृहमंत्री पी चिदम्बरम ने कसाब को दोषी ठहराए जाने के बाद कहा है कि यह पाकिस्तान को संदेश है कि वह आतंकवाद का निर्यात न करे. यदि वह ऐसा करता है और हम आतंकवादी को पकड़ते हैं तो उसे कड़ी सज़ा दी जाएगी. भारतीय गृहमंत्री ने मुक़दमे को भारतीय न्याय व्यवस्था के लिए जीत बताया और कहा कि यह दिखाता है कि भारत में कानून का शासन है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य

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