कला के गड्ढे में गिरा मेहमान | मनोरंजन | DW | 24.08.2018
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मनोरंजन

कला के गड्ढे में गिरा मेहमान

भारतीय मूल के ब्रिटिश कलाकार की कलाकृति में एक मेहमान गिर गया. उसे लगा कि कलाकृति एक भ्रमजाल जैसी है, लेकिन जब चीख निकली तो पता चला कि मामला कुछ और ही है.

पुर्तगाल के मशहूर शहर पोर्तो के एक म्यूजियम में अनीष कपूर की कलाकृति "डिसेंट इनटू लिम्बो" मौजूद थी. इस कलाकृति को बनाने के लिए अनीष ने ढाई मीटर गहरा गड्ढा खोदा. फिर बड़ी बारीकी से गड्ढे को काले पिगमेंट से पेंट कर दिया. रंग इतना गहरा था कि पता नहीं चला कि गड्ढा वाकई में है या नहीं, अगर है तो कितना गहरा है?

कलाकृति को देखने वाले तमाम लोगों में इटली के 60 साल के एक शख्स भी थे. उन्हें लगा कि कलाकृति सिर्फ जमीन पर बनाया गया एक काला गोला है. पुर्तगाल के अखबार पब्लिको के मुताबिक इतालवी नागरिक ने कलाकृति पर चलने की कोशिश की और उसके बाद चीख सुनाई पड़ी. इतालवी नागरिक 8 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया. उसे चोटें भी आई हैं.

Portugal Porto Kunstausstellung von Anish Kapoor (Imago/Zumapress/R. Franca)

अनीष कपूर की कलाकृति डिसेंट इनटू लिम्बो

इस हादसे के बाद म्यूजियम ने कुछ समय के लिए एक्जीबिशन बंद कर दी. बाद में एक्जीबिशन में मौजूद कलाकृतियों के आस पास चेतावनी भरे नोटिस लगाए गए. म्यूजियम ने अपने स्टाफ से भी कहा है कि वह विजिटर्स पर नजर रखें.

64 साल के कपूर को इंसानी नजरों को धोखा देने वाली कलाकृतियों के लिए जाना जाता है. 2016 में अनीष ने वांटाब्लैक नाम के मैटीरियल के एक्सक्लूसिव राइट्स खरीदे. वांटाब्लैक ब्रिटेन के रिसर्चरों ने बनाया है. इसे धरती के सबसे स्याह पदार्थों में गिना जाता है. वांटाब्लैक प्रकाश को करीबन ना के बराबर परावर्तित करता है. अनीष इसका इस्तेमाल अपनी कलाकृतियों में करते हैं. हालांकि इस बारे में जानकारी नहीं है कि उन्होंने इस कलाकृति में भी वांटाब्लैक का इस्तेमाल किया था या नहीं.

(बॉडी पेंटिंग के जबरदस्त नमूने)

ओएसजे/आईबी (डीपीए)

 

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन