कलाम, देवबंद, रविशंकर की मध्यस्थता मांगे निर्मोही अखाड़ा | दुनिया | DW | 13.10.2010
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दुनिया

कलाम, देवबंद, रविशंकर की मध्यस्थता मांगे निर्मोही अखाड़ा

अयोध्या की विवादित जमीन के निपटारे के लिए कोर्ट से बाहर समझौता करने में निर्मोही अखाड़ा अब्दुल कलाम, दारुल उलूम देवबंद और श्री श्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाना चाहता है. अखाड़े के मध्यस्थों की लिस्ट में कुछ और नाम भी हैं.

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मुस्लिम धार्मिक संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद, योग गुरु बाबा रामदेव, रामकथा सुनाने वाले मोरारी बापू इन सारे लोगों का नाम निर्मोही अखाड़े के मध्यस्थों की लिस्ट में शामिल है. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में निर्मोही अखाड़े के महंथ भास्कर दास के दूत पुजारी राम दास ने कहा, "हमने अयोध्या से शांति की रोशनी जलाई है और अब अलग अलग समुदाय के प्रमुख लोगों की ये जिम्मेदारी है कि वो इस रोशनी को मजबूत करें और जलाए रखने में मदद करें." निर्मोही अखाड़े के महंथ भास्कर दास के बीमार होने के कारण पुजारी राम दास को मंदिर विवाद से जुड़े मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

Indien Ayodhya Urteil Moscheegelände wird geteilt

शान्ति के लिए दुआ

मध्यस्थों में पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम, दारुल उलूम देवबंद, मुस्लिम उलेमाओं के संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद का नाम लेते हुए पुजारी राम दास ने कहा, "ये हमारी जिम्मेदारी है कि भारत में शांति हो. इसके लिए मुस्लिम और हिंदू समुदाय के बड़े संतों को साथ आकर अयोध्या मामले के हल के लिए कोशिश करनी चाहिए."

अयोध्या मामले पर समझौते के लिए क्या फॉर्मूला होगा ये पूछे जाने पर पुजारी राम दास ने कहा कि इस पर सब लोगों से चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा. राम दास का कहना है, "जब बुद्धिमान लोग एक होकर सोचेंगे तो समझौते का अच्छा फॉर्मूला भी निकल कर सामने आएगा और ये भारत में हिंदू मुस्लिम भाईचारे को मजबूत करने वाला भी होगा."

निर्मोही अखाड़ा अयोध्या विवाद में एक प्रमुख पक्ष है और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपने ऐतिहासिक फैसले में विवादित जमीन का एक हिस्सा उसे देने को भी कहा है. इस बीच अदालती कार्रवाई में पक्षकार रहे हिंदू महासभा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः महेश झा

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