कब तक बेवकूफ बनेंगे शेर | विज्ञान | DW | 08.07.2016
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विज्ञान

कब तक बेवकूफ बनेंगे शेर

अफ्रीकी देश बोतस्वाना में इंसान और जंगली जानवरों में जंग छिड़ी है. भूखे शेर पालूत पशुओं पर झपट पड़ते हैं, फिर किसान शेरों को सबक सिखाने निकल पड़ते हैं. क्या शेरों को बेवकूफ बनाकर इस टकराव को हमेशा के लिए रोका जा सकता है?

सिडनी की न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक एक दिलचस्प आइडिया लेकर हजारों किलोमीटर दूर बोतस्वाना पहुंचे. वहां उन्होंने पालतू मवेशियों के शरीर में दो ओर आखें बनाईं. जानवर के शरीर के सबसे पिछले हिस्से में यह आंखे पेंटिंग के जरिए बनाई गई. वैज्ञानिकों ने 62 में से 20 गायों के शरीर पर ऐसी आंखें बनाई.

फिर वैज्ञानिकों ने ढाई महीने इंतजार किया. 10 हफ्ते के ट्रायल के बाद पता चला कि जिन गायों के पीछे आंखें बनाई गई थीं, उन पर शेरों ने बिल्कुल भी हमला नहीं किया. इसी दौरान शेरों ने बिना पेंटिंग वाली तीन गायों को अपना निवाला बनाया. अब वैज्ञानिक जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए और विस्तार से इसे समझना चाहते हैं.

रिसर्च टीम की अगुवाई करने वाले डॉक्टर नील जॉर्डन कहते हैं, "शेर घात लगाकर शिकार करने वाले जीव हैं, वे अपने शिकार पर नजर बनाये रखते हैं और छुपते हुए धीरे धीरे उसके पास पहुंचते हैं और फिर छलांग मारते हैं. लेकिन अगर जानवर पहले ही शेर को देख ले और शेर को पता चल जाए कि वह नजर में आ चुका है तो वह शिकार की कोशिश भी नहीं करता."

डॉक्टर जॉर्डन के मुताबिक, "प्रकृति में नजर में आना शिकार की सारी कोशिशें बेकार कर सकता है. तितली के पंख ही देखें, ऊपर से उन्हें देखने पर पंछी भ्रमित हो जाते हैं."

इस प्रयोग के लिए रिसर्चरों को भारतीय लकड़हारों से प्रेरणा मिली. भारत और बांग्लादेश के बीच बसे सुंदरबन इलाके में लकड़हारे एक तरकीब से बाघों को ठगने में सफल रहे. लकड़हारे जंगल में दाखिल होते ही एक मुखौटा डाल लेते थे. आदमी की शक्ल वाले मुखौटे को वे सिर के पीछे लगाते. इससे बाघ उलझन में पड़ गए. छुपकर हमला करने वाले शिकारी को लगा कि उसे देख लिया गया है और उसने हमला टाल दिया.

लेकिन असली मुश्किल अब आएगी. सुंदरबन के लकड़हारों का अनुभव बताता है कि कुछ समय बाद बाघ ने उनकी चालाकी समझ ली और फिर हमले शुरू कर दिये. अब सुंदरबन के लकड़हारे मुखौटों पर भरोसा नहीं करते हैं, क्योंकि बाघ इस ट्रिक को समझ चुके हैं. अब देखना है कि भूख मिटाने के लिए हाथियों पर झपटने वाले शेर ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की पहेली को कितनी देर में सुलझाते हैं.

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