कड़े नागरिकता नियम लागू करेगा ऑस्ट्रेलिया | दुनिया | DW | 21.04.2017
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दुनिया

कड़े नागरिकता नियम लागू करेगा ऑस्ट्रेलिया

भविष्य में ऑस्ट्रेलिया की नागरिकता लेने वालों को लंबे इंतजार और इम्तिहान से गुजरना होगा. ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बनने का ख्वाब देखने वालों को कई तरह के सबूत देने होंगे.

प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने कहा कि नागरिकता के नये नियम ऑस्ट्रेलिया के मूल्यों का इजहार करेंगे. नए नियमों के तहत नागरिकता लेने के इच्छुक विदेशी नागरिकों को हायर इंग्लिश लैंग्वेज स्किल्स की जरूरत होगी. नागरिकता के लिए एक साल के बजाए चार साल बाद आवेदन करना होगा. साथ ही उन्हें नौकरी का साफ सबूत भी देना होगा.

प्रधानमंत्री टर्नबुल ने कहा, "यह आवेदनकर्ताओं के लिए अच्छा होगा, देश के लिए भी अच्छा होगा, ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता के नीचे ऑस्ट्रेलियाई मूल्य भी होंगे. यह प्रशासनिक नहीं है. यह निष्ठा और ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों के प्रति वचनबद्धता की बात है.

मौजूदा नियमों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में परमानेंट रेसिडेंस परमिट पाने वाले विदेशी साल भर बाद वहां की नागरिकता ले सकते हैं. नये नियमों के लागू होने के बाद उन्हें चार साल इंतजार करना होगा. आप्रवासन मामलों के मंत्री पीटर डटन के मुताबिक नए नियमों के तहत आवेदनकर्ताओं की ज्यादा गहन पुलिस जांच होगी. घरेलू हिंसा का अपराध करने वाले नागरिकता के लिए अयोग्य माने जाएंगे.

आवेदनकर्ताओं को यह भी साबित करना होगा कि वे ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के साथ घुल मिल चुके हैं और उसमें अपना योगदान दे रहे हैं. नौकरी का सबूत, किसी सामुदायिक संस्था की सदस्यता और सभी बच्चों के लिये खुले स्कूल में पंजीकरण जैसे कारणों को अहम माना जाएगा. ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों का टेस्ट कैसे किया जाए, इसे लेकर सरकार ने जून तक जनता से सुझाव मांगे हैं. आखिर में इस पूरी प्रक्रिया को संसद की मंजूरी की जरूरत पड़ेगी.

एक्टिविस्ट ग्रुप गेटअप ने सरकार के नए टेस्ट को मुस्लिम विरोधी करार दिया है. गेटअप की ह्यूमन राइट्स डायरेक्टर शेन नारायणसामी ने एक बयान जारी कर कहा, "यह एलान निसंदेह आरोप लगता है कि जो लोग ऑस्ट्रेलिया में रहना चाहते हैं, वे शायद पत्नी का शोषण करेंगे, अंग्रेजी नहीं सीखेंगे और अपराधों में शामिल होंगे. यह उस पीढ़ी के लोगों के बेहद अपमानजनक है, जिन्होंने यहां अपनी जिंदगी बनाई."

एक्टिविस्टों के विरोध के बावजूद नए नियमों का लागू होना लगभग तय है. विपक्षी सेंटर लेफ्ट लेबर पार्टी ने भी बदलावों पर रजामंदी जताई है. सीनेट में सरकार को बहुमत नहीं हैं, वहां विपक्षी दल के सहयोग की जरूरत है. विपक्ष के नेता बिल शॉर्टन के मुताबिक, "मुझे लगता है कि अंग्रेजी की निपुणता को देखना तर्कसंगत है और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बनने से पहले कुछ समय इंतजार करना भी तार्किक है."

ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से विदेशी नागरिकों की पसंद रहा है. देश की 25 फीसदी आबादी किसी न किसी तरह विदेशी मूल से संबंध रखती है. वहां बड़ी संख्या में चीनी, भारतीय और इंडोनेशियाई आप्रवासी रहते हैं. लेकिन बीते सालों में बीच बीच में नस्ली हिंसा की भी खबरें वहां से आती रही हैं.

(सबसे इज्जतदार शहर)

ओएसजे/एमजे (एपी)

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