ओलांद और पुतिन करेंगे यूक्रेन पर चर्चा | दुनिया | DW | 28.05.2014
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दुनिया

ओलांद और पुतिन करेंगे यूक्रेन पर चर्चा

यूक्रेन पर तनाव के बावजूद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को पेरिस बुलाया है. वे द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र देशों की सेना के नॉरमंडी आने की 70वीं वर्षगांठ समारोह में भाग लेंगे.

राष्ट्रपति ओलांद पांच जून को पुतिन से एलिजे पैलेस में मिलेंगे. क्रेमलिन ने कहा है कि पुतिन ओलांद के साथ अनौपचारिक भेंट के लिए पेरिस जा रहे हैं. मित्र देशों की सेना के उतरने की सालगिरह से जुड़े समारोहों से एक दिन पहले दोनों राष्ट्रपति पेरिस में शाम का खाना साथ खाएंगे. क्रेमलिन के सूत्रों के अनुसार पुतिन और ओलांद यूक्रेन संकट सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मसलों पर बात करेंगे.

इससे पहले ओलांद ने कहा था कि वे डी-डे समारोहों के मौके पर पुतिन के साथ अकेले बातचीत करेंगे. फ्रांस के पश्चिमी शहर नॉरमंडी में छह जून को होने वाले इस समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल भी हिस्सा ले रही हैं. यह समारोह सात प्रमुख औद्योगिक देशों के संगठन जी-7 की ब्रसेल्स में होने वाली शिखर भेंट के एक दिन बाद हो रहा है. पुतिन के समारोह में आने की पुष्टि सोमवार को ही कर दी गई थी.

पहले यह शिखर भेंट रूसी शहर सोची में होने वाली थी, लेकिन यूक्रेन संकट में रूस की भूमिका के कारण पश्चिमी देशों ने इसे रद्द कर दिया और जी-8 में सरकार प्रमुखों के स्तर पर रूस के साथ सहयोग रोक दिया. ओलांद और पुतिन की मुलाकात जी-7 के किसी सरकार प्रमुख के साथ पुतिन की पहली मुलाकात है, हालांकि जर्मन चांसलर मैर्केल और दूसरे पश्चिमी नेता उनके साथ लगातार यूक्रेन विवाद पर टेलीफोन पर बात करते रहे हैं.

इधर यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनावों के तीन दिन बाद चांसलर मैर्केल ने रूस के साथ रिश्तों के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. बर्लिन में पहले विश्व युद्ध पर एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर मैर्केल ने कहा कि हालांकि एक दूसरे के साथ बात करना जरूरी है लेकिन "क्षेत्रीय अखंडता युद्ध के बाद की यूरोपीय व्यवस्था का पाया है." मैर्केल ने रूस द्वारा क्रीमिया को हथियाए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा, "यदि दूसरे देशों के हिस्सों को लिया जाने लगे तो हम गंभीर परेशानी में फंस जाएंगे." मैर्केल ने कहा कि यह साफ होना चाहिए कि ऐसा नहीं हो सकता.

यूरोपीय संघ के सरकार प्रमुखों ने मंगलवार को अपनी शिखर भेंट में रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त नहीं किया, लेकिन पुराने प्रतिबंधों को हटाने की भी पहल नहीं हुई. उस पर क्रीमिया पर कब्जे के अलावा पूर्वी यूक्रेन में अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया जाता है. मैर्केल ने डी-डे समारोहों में पुतिन की भागीदारी की सराहना की और कहा कि पिछले युद्धों का सबक है कि उनके साथ भी बातचीत जारी रखनी चाहिए जिनके साथ मतभेद हों, या जिसके ऊपर आप खफा हों.

एमजे/एजेए (एएफपी, रॉयटर्स)

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