ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी आज | खेल | DW | 07.01.2013
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खेल

ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी आज

2020 के ओलंपिक खेलों का मेजबान कौन होगा, इसका फैसला 7 सितंबर को ब्युनस आयर्स में होगा. लेकिन मेजबानी का दावा करने वाले तीन उम्मीदवार इस्तांबुल, मैड्रिड और टोक्यो अपना दावा पेश कर रहे हैं.

इन शहरों ने अपनी अर्जी के दस्तावेजों के साथ हाई प्रोफाइल प्रतिनिधिमंडल को स्विट्जरलैंड भेजा है. उन्हें उम्मीद है कि उनका दस्तावेज ओलंपिक समिति के 100 से ज्यादा सदस्यों को लुभा पाएगा और आठ महीने बाद होने वाली वोटिंग में बहुमत उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेगा.

सॉल्ट लेक सिटी में वोट के लिए रिश्वत कांड के पता चलने के बाद उम्मीदवार देशों में आईओसी सदस्यों का दौरा रोक दिया गया है. अब उम्मीदवारी की फाइलों को करीने से देखा जाता है, उसके बाद आईओसी की आकलन समिति आयोजन स्थलों का दौरा करती है. आईओसी के उपाध्यक्ष क्रेग रीडी की अध्यक्षता वाली यह समिति मार्च में तीनों शहरों का चार-चार दिन के लिए दौरा करेगी और देखेगी की उम्मीदवारी दस्तावेज में कही गई बातें सही हैं या नहीं.

आम तौर पर समझा जाता है कि इस्तांबुल की किस्मत चमक सकती है. वह ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाला मुस्लिम बहुल आबादी वाला पहला शहर बन सकता है. उसने दो महादेशों की सीमा पर बसे होने की हकीकत का अच्छा इस्तेमाल किया है. इस्तांबुल आयोजन समिति के मुख्य कार्यकारी हसन अरात कहते हैं, "खिलाड़ियों को यूरोपीय हिस्से में सोने और एशियाई हिस्से में प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का अनोखा अनुभव होगा." अब उनके भावनात्मक संदेश को ओलंपिक समिति को सौंपे गए दस्तावेज के तथ्यों के समर्थन की जरूरत होगी.

Tokio Bewerbung für Olympia 2020

रंग ला पाएगा टोक्यो का दावा

तुर्की की सरकार के लिए यह आयोजन बहुत अहम है. वह 2023 में स्थापना की 100वीं जयंती मनाने तक देश को दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना चाहती है. देश की आर्थिक हालत अच्छी है और नए साल के मौके पर इस्तांबुल के शेयर बाजार ने 78,000 का रिकॉर्ड सूचकांक हासिल किया है. 2012 में तुर्की की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर इंवेस्टमेंट ग्रेड का कर दिया गया है. अरात कहते हैं, "यह खबर साबित करती है कि भव्य खेलों का हमारा विचार एक ऐसी अर्थव्यस्था पर आधारित है जो आईओसी के साथ मिलकर ओलंपिक आंदोलन को आगे ले जाने की क्षमता रखता है."

तीन उम्मीदवारों में टोक्यो अकेला शहर है जो पहले 1964 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी कर चुका है. उसे इस्तांबुल का मुख्य प्रतिद्वंद्वी समझा जाता है और देश की नई सरकार ने भी उम्मीदवारी को पूरा समर्थन दिया है. नए खेल मंत्री हाकुबून शिमोमूरा कहते हैं, "मैं टोक्यो में चुना गया हूं, इसलिए इस उम्मीदवारी का मेरे लिए बहुत महत्व है." उन्होंने कहा कि वे आठ जनवरी को टोक्यो में उम्मीदवारी जमा करने के बाद होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में हिस्सा लेंगे और उम्मीदवारी के लिए सरकार के साफ समर्थन को दोहराएंगे.

स्पेन की राजधानी मैड्रिड भी पूरे भरोसे के साथ उम्मीदवारी की अर्जी देने जा रही है. स्पेन की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण खेलों की मेजबानी कर पाने की काबलियत पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन मैड्रिड का मनोबल ऊंचा बना हुआ है. उम्मीदवारी टीम के प्रमुख अलेखान्द्रो ब्लांको कहते हैं, "कुछ मेजबान शहर उस समय की तुलना में जब उन्होंने आयोजन किए, तब बहुत ही खराब आर्थिक हाल में थे, जब उन्हें खेलों की मेजबानी मिली थी." उनका कहना है कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप शुरू कैसे करते हैं, बल्कि यह कि आप खत्म कैसे करते हैं.

ब्लांको के अनुसार मैड्रिड के पास ओलंपिक खेलों का आयोजन करने के लिए 80 फीसदी ढांचा पहले से ही मौजूद है. इसमें एयरपोर्ट, रिंग रोड और मेट्रो शामिल है. वह कहते हैं, "हमारा निवेश घटकर न्यूनतम रह जाएगा. हमें स्पेन की केंद्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों का पूरा समर्थन है और हम उनके साथ हाथ से हाथ मिलाकर लुसान जा रहे हैं."

एमजे/ओएसजे (एएफपी)

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