ओबामा ने कहा, असद को जाना ही होगा | दुनिया | DW | 30.09.2015
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दुनिया

ओबामा ने कहा, असद को जाना ही होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है कि आईएस के खिलाफ लड़ाई में जीत के लिए सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का सत्ता छोड़ना जरूरी है. इस बीच फ्रांसिसी अधिकारियों ने असद शासन के खिलाफ युद्ध अपराधों के मामले की जांच शुरु कर दी.

संयुक्त राष्ट्र की महासभा में ओबामा और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आईएस को हराने की प्रतिबद्धता जताई, जबकि असद को लेकर उनके मत में अंतर था. पुतिन असद को साथ लेकर सीरिया में इस्लामिक स्टेट का मुकाबला करने के पक्षधर हैं जबकि ओबामा इसके खिलाफ. आईएस के खिलाफ हवाई आक्रमण का अभियान छेड़ने के एक साल पूरे होने के अवसर पर यूएन में ही एक आतंकवादरोधी सम्मेलन में बोलते हुए ओबामा ने कहा, "मेरे ख्याल से सीरिया में... इस्लामिक स्टेट को हराने के लिए जरूरत है एक नए नेता की."

अमेरिका के इस प्रस्ताव को नजरअंदाज करने के तौर पर रूस ने 100 विश्वनेताओं वाले इस सम्मेलन में अपना एक निचले-स्तर का अधिकारी भेजा था. एक दिन पहले ही महासभा को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने आईएस को हराने के लिए एक ऐसा महागठबंधन बनाने का आह्वान किया था जिसमें असद के नेतृत्व वाली सीरियाई सेना भी शामिल हो.

सीरिया में ढाई लाख मौतें

रूस और ईरान असद के सत्ता में रहने का समर्थन कर चुके हैं जबकि अमेरिका और सऊदी अरब जैसे कई देश सीरिया में चार साल से चल रहे युद्ध के खात्मे के लिए असद का जाना जरूरी मानते हैं. इस दौरान सीरिया में करीब ढाई लाख लोगों की जान जा चुकी है.

समाचार एजेंसी एएफपी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि फ्रांसीसी अधिकारियों ने इस बीच असद शासन के खिलाफ 2011 से 2013 के बीच घटे कई युद्ध अपराधों की जांच शुरु कर दी है. इस मामले की जांच का आधार सीरियाई सेना का एक फोटोग्राफर है जिसका छद्मनाम "सीजर" बताया जाता है.

सीजर 2013 में सीरियाई सेना का पक्ष छोड़कर देश से भाग निकले. वह अपने साथ सीरिया में कई हिंसक संघर्षों के दौरान घटनास्थल पर ली हुई करीब 55,000 ऐसी तस्वीरें भी ले गए. फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरां फाबिउस का कहना है कि ये तस्वीरें "बशर अल असद शासन की क्रमबद्ध क्रूरता को प्रमाणित करती हैं."

इस्लामिक स्टेट से भी बुरा

दूसरी ओर एक अमेरिकी चैनल को दिए एपने इंटरव्यू में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने असद के मुद्दे पर एक संभावित समझौते की ओर इशारा किया. केरी ने कहा कि अगर रूस और ईरान असद को नागरिकों के विरुद्ध बैरल बमों का इस्तेमाल बंद करने को राजी करवा ले तो शायद अमेरिका सीरिया के मामले में उनके साथ आ सके. पश्चिमी नेताओं का मानना है कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट ने भी इतने लोगों की जान नहीं ली है जितने लोग असद शासन द्वारा हैलिकॉप्टर से गिरवाए जाने वाले बैरल बमों से मारे गए हैं.

आरआर/आईबी (एएफपी)

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