ऑस्ट्रेलिया के गुरुद्वारे में आगः भारत नाराज़ | जर्मन चुनाव 2017 | DW | 14.01.2010
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जर्मन चुनाव

ऑस्ट्रेलिया के गुरुद्वारे में आगः भारत नाराज़

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों पर हमले के बीच मेलबर्न के एक गुरुद्वारे में कुछ लोगों ने आग लगा दी, जिसके बाद भारत ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. हाल के हमलों के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते ख़राब हुए.

ऑस्ट्रेलिया का एक नज़ारा

ऑस्ट्रेलिया का एक नज़ारा

यह आग मेलबर्न के गुरुद्वारे में बन रही एक इमारत में लगाई गई. आग लगाने वालों के बारे में अभी पता नहीं लग पाया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने नई दिल्ली में बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी है.

मेलबर्न से सटे क्रैनबर्न में नानकसर ताथ गुरुद्वारे की चारदीवारी के अंदर बन रही एक इमारत में 12 जनवरी को आग लगाई गई. इससे इमारत को मामूली नुक़सान पहुंचा है.

प्रवक्ता ने कहा, "मेलबर्न में भारतीय वाणिज्य दूतावास इस बारे में विस्तार से पता लगा रहा है. वह गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के संपर्क में है और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से भी बात कर रहा है." उन्होंने बताया कि कुछ अनजान लोगों ने इस इमारत में आग लगाई है, जो नानकसर ताथ के मुख्य गुरुद्वारे से सिर्फ़ 300 मीटर की दूरी पर है. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है और इमारत पर भी कोई असर नहीं पड़ा है.

इस साल के शुरू से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों पर हमले बढ़े हैं और इस दौरान 21 साल के नितिन गर्ग सहित दो भारतीयों की मौत हो गई है. इसके बाद भारत ने सख़्त रवैया अपनाते हुए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज किया. लेकिन ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि बड़े शहरों में हिंसा की घटनाएं तो होती रहती हैं, इसमें कोई बड़ी बात नहीं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय मीडिया को भी नसीहत दी कि वे घटनाओं की रिपोर्टिंग में सभी तथ्यों का ध्यान रखें.

पिछले कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या आधी हो गई है और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि उन्हें वीज़ा की अर्ज़ी 46 फ़ीसदी कम मिली है. इस बीच भारत में भी इस मुद्दे पर तनाव बढ़ता जा रहा है. शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने धमकी दी है कि ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम को महाराष्ट्र में नहीं खेलने देंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

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