ऑनर किलिंग के शिकारों की याद करेगा ब्रिटेन | दुनिया | DW | 13.07.2018
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दुनिया

ऑनर किलिंग के शिकारों की याद करेगा ब्रिटेन

इज्जत के नाम हत्या उन लोगों को सजा देने के लिए की जाती है जिन्हें परंपराओं और रिवाजों को तोड़कर परिवार या समुदाय की इज्जत में बट्टा लगाने का जिम्मेदार माना जाता है. आम तौर पर ये सज़ा लड़कियों और महिलाओं को दी जाती है.

जिन बातों के लिए परिवारों की गुस्से की गाज गिरती है उनमें शामिल है बॉयफ्रेंड होना, जबरन शादी को ठुकराना, अंतरधार्मिक विवाह या रिश्ते, तलाक की मांग या ऐसे पोशाक पहनना या व्यवहार करना जिन्हें परिवार के लोग उचित नहीं मानते. ऑनर किलिंग स्मृति दिवस शफिलिया अहमद के जन्मदिन पर मनाया जा रहा है जिसे उसके माता पिता ने 2003 में उसे अत्यंत पश्चिमी हो जाने के कारण सालों की यातना के बाद मार डाला था. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया भर में हर साल 5,000 से ज्यादा ऑनर किलिंग के मामले होते हैं.

ब्रिटेन में आम तौर पर यह समस्या दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के आप्रवासियों के साथ जुड़ी हुई है. एक अनुमान के अनुसार हर साल 12 लोगों की हत्या होती है. ऑनर किलिंग के खिलाफ अभियान चलाने वाले संगठनों के अनुसार असली मामलों की संख्या और ज्यादा है. उनका कहना है कि परिवार के अत्याचार से तंग आकर बहुत सी लड़कियां आत्महत्या भी कर लेती हैं. पिछले साल 12,935 बार ऑनर किलिंग पर काम करने वाले चैरिटी संगठन कर्मा निर्वाणा से संपर्क किया. उनमें से 70 प्रतिशत ने परिवार के लोगों को अपराध में लिप्त बताया.

ऑनर किलिंग के मामले विदेशों में भी होते हैं जब परिवार के लोग पीड़ितों को फुसलाकर छुट्टियां बिताने के नाम विदेश ले जाते हैं. कभी कभी तो कॉन्ट्रैक्ट किलर का भी इस्तेमाल किया जाता है. इज्जत के नाम पर होने वाली हिंसा में मानसिक अत्याचार, पिटाई, हिंसा की धमकी, इच्छा के विपरीत बंधक रखना और जबरन शादी कर देना भी शामिल है. ब्रिटेन में इस तरह के मामलों की संख्या 2014 के 3335 से बढ़कर 2016 में 5105 हो गई. पुलिस ने इनमें से 200 मामले जांचकर्ताओं को भेजे. 90 मामले में अभियुक्तों को सजा हुई. पुरुष भी इस तरह के अपराध के शिकार हो सकते हैं, यदि उन पर समलैंगिकता जैसे आरोप लगें.

एमजे/ओएसजे (रॉयटर्स)

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