ऐसे लोगों को अमेरिका नहीं देगा शरण | दुनिया | DW | 09.11.2018
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
विज्ञापन

दुनिया

ऐसे लोगों को अमेरिका नहीं देगा शरण

अमेरिका ने शरण मांगने वालों के लिए नए नियमों का एक मसौदा तैयार किया है. ये नियम गैरकानूनी ढंग से अमेरिका पहुंचे लोगों के शरण मांगने पर रोक लगाते हैं.

अमेरिका अब ऐसे लोगों को कोई रियायत नहीं देगा जो गैरकानूनी ढंग से देश के भीतर घुसकर शरण के लिए दावा करते हैं. आंतरिक सुरक्षा विभाग और न्याय विभाग की ओर से उठाए जा रहे कदमों का मकसद अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर शरणार्थियों को रोकना है. मौजूदा नियमों के तहत कोई भी प्रवासी व्यक्ति अमेरिका पहुंचने के एक साल बाद शरणार्थी दर्जे के लिए दावा कर सकता है, भले ही उस व्यक्ति ने गैरकानूनी ढंग से सीमा पार की हो. नए नियम उन प्रवासियों पर प्रतिबंध लगाएंगे जो अवैध ढंग से सीमा पार कर अमेरिका पहुंचते हैं. 

अमेरिका के न्याय विभाग ने साफ किया है, "जो लोग वैध रास्तों के अलावा किसी और रास्ते से अमेरिका के भीतर प्रवेश कर रहे हैं वे जानबूझ कर कानून तोड़ रहे हैं."

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुस्लिम देशों पर ट्रैवल बैन को जायज ठहराते हुए देश की सुरक्षा से जुड़ी राष्ट्रपति की खास शक्तियों की जो दलील ट्रंप ने उस वक्त दी थी वे उसी का इस्तेमाल करेंगे. ट्रैवल बैन पर ट्रंप प्रशासन के फैसले को निचली अदालतों ने असंवैधानिक करार दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कई मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में आने पर प्रतिबंध को जायज ठहराया.

यह कदम ऐसे वक्त में लिए जा रहे हैं जब मध्य अमेरिकी देशों के करीब 7000 से ज्यादा लोगों का एक कारवां अमेरिका की तरफ बढ़ा चला जा रहा है. इसमें बड़ी तादाद में महिलाएं और बच्चे भी हैं.

जानकार मान रहे हैं कि ट्रैवल बैन की ही तरह संभव है कि शरणार्थियों का ये मसला भी कानूनी पेचीदगियों में फंसेगा. नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन (एसीएलयू) का कहना है कि आप्रवासन और राष्ट्रीयता कानून में साफ बताया गया है कि वैध या अवैध तरीके से सीमा पार कर देश में प्रवेश करने वाले सभी लोगों को आश्रय का अनुरोध का अधिकार दिया जाना चाहिए. एसीएलयू में आप्रवासी अधिकारों के निदेशक उमर जादवत ने कहा, "अमेरिकी कानून लोगों को शरण के आवेदन अधिकार देते हैं फिर चाहे वह प्रवेश वैध रास्तों से हो या नहीं. इसे किसी एजेंसी या राष्ट्रपति के आदेश से बदलना गैरकानूनी है."

नए नियमों का सबसे ज्यादा असर ग्वाटेमाला, होंडुरास और सल्वाडोर से आने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा, जो गरीबी और हिंसा के चलते घरबार छोड़ कर भाग रहे हैं. पिछले सालों में अमेरिका में शरण मांगने के दावों में बढ़ोतरी हुई है. साल 2017 में करीब 3.30 लाख शरणार्थी आवेदन देश को मिले थे, वहीं देश की इमीग्रेशन कोर्ट में पहले से ही 8 लाख शरणार्थी आवेदन लंबित हैं. हालांकि ट्रंप इस मसले पर फिलहाल कोई रियायत देते नजर नहीं आते. शरणार्थी कारवां के मद्देनजर सीमा पर 5600 सैन्य टुकड़ियों को तैनात किया गया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि टुकड़ियों की संख्या बढ़ाकर जल्द ही सात हजार कर दी जाएगी. तैनात किए गए सैनिकों में से कई डॉक्टर और इंजीनियर भी हैं.

एए/एनआर (एएफपी, एपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन