एशियाड में सऊदी को हिदायत | खेल | DW | 19.09.2014
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खेल

एशियाड में सऊदी को हिदायत

एशियाई ओलंपिक परिषद के प्रमुख ने सऊदी अरब से अपील की है कि उसे अपनी टीम में महिला खिलाड़ियों को भी शामिल करना चाहिए. इंचियोन में चल रहे एशियाड में सऊदी अरब ने सिर्फ मर्दों की टीम भेजी है.

परिषद (ओसीए) के प्रमुख शेख अहमद अल फहद अल सबा ने उम्मीद जताई कि हो सकता है कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब की टीम में महिलाएं भी होंगी. ह्यूमन राइट्स वॉच ने गुरुवार को सऊदी अरब के फैसले की निंदा करते हुए कहा था कि उसका यह कदम "पीछे की ओर" लिया गया कदम है.

इससे पहले 2012 के ओलंपिक खेलों में सऊदी अरब की दो महिला खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था. 800 मीटर की दौड़ में सारा अतर और जूडो में वोडजान शहरकानी ने भाग लिया. उससे पहले अरब देश ने महिलाओं के खेल कूद में हिस्सा लेने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था.

लेकिन शुक्रवार को जब दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 17वें एशियाई खेलों की शुरुआत हुई, तो 202 लोगों की मजबूत टीम में एक भी महिला शामिल नहीं थीं. शेख अहमद ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि लंदन ओलंपिक के बाद सऊदी अरब ने अपनी नीतियों में कोई बदलाव किया है, "पहले तो हमें इस बारे में शक था. लेकिन सऊदी अरब ने लंदन ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों को हिस्सा लेने की इजाजत दी थी."

उनका कहना है कि इसका मतलब यह हुआ कि सऊदी अरब तकनीकी तौर पर उनके हिस्सा लेने के खिलाफ नहीं है, "पर हो सकता है कि उन्हें कोई सही खिलाड़ी न मिला हो". शेख अहमद ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि भविष्य में उनकी खिलाड़ी आएंगी."

दूसरी तरफ ह्यूमन राइट्स वॉच की मध्य पूर्व और उत्तर अफ्रीका मामलों की प्रभारी सारा लीह विस्टन ने कहा, "सऊदी अरब को महिलाओं के प्रति भेदभाव खत्म करना चाहिए और उन्हें पुरुषों की तरह समान स्तर पर उन्हें हिस्सेदारी के लिए तैयार करना चाहिए."

सऊदी अरब के बिलकुल विपरीत कतर ने अपने 260 खिलाड़ियों के दल में 55 महिलाओं को इंचियोन भेजा है. लंदन ओलंपिक में कतर की सिर्फ दो महिलाओं ने हिस्सा लिया था.

एजेए/एमजी (एएफपी)