एशियाई प्रतिभा पर भारी अफ्रीकी एथलीट | खेल | DW | 29.09.2014
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खेल

एशियाई प्रतिभा पर भारी अफ्रीकी एथलीट

अमीर खाड़ी देशों की तरफ से एशियन गेम्स में अफ्रीकी मूल के एथलीटों का हिस्सा लेना एशियाई खिलाड़ियों के लिए हताशा का माहौल पैदा कर रहा है. कद और काठी की वजह से अफ्रीकी मूल के एथलीट एशियाई पर भारी पड़ रहे हैं.

पुरुषों की 100 मीटर रेस के रजत पदक विजेता सू बिंगत्यान कहते हैं, "मुझे लगता है कि यह अनुचित है क्योंकि वे लंबे हैं और उनके कदम लंबे होते हैं. वे ज्यादातर ताकतवर और गठीले होते हैं. शारीरिक रूप से हम नुकसान में हैं." कतर के फेमी उगुनोड से सू बिंगत्यान 100 मीटर रेस हार गए, फेमी का जन्म नाइजीरिया में हुआ है. रविवार को पुरुषों की 100 मीटर रेस में फेमी ने 9.93 सेकेंड के साथ रिकॉर्ड जीत हासिल की. जापान और दक्षिण कोरिया के धावक भी अपनी आवाज मुखर कर रहे हैं. हालांकि एशियाई खेलों के कर्ताधर्ता विदेशी खिलाड़ियों की भीड़ पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं.

एशियन गेम्स के पहले दो दिन में अफ्रीकी मूल के प्रतियोगी 7 रेसों में 5 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. वहीं एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भी चिंता जताई है कि एशियाई देशों के झंडे तले खेलने वाले अफ्रीकी मूल के एथलीटों से स्थानीय प्रतिभाएं हतोत्साहित हो सकती हैं. बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के निवास नियमों को पूरा करने वाले अफ्रीकी मूल के एथलीटों ने अब तक इंचियोन एशियाई खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कई पदक जीते हैं. ओसीए के उपाध्यक्ष वेई जिझोंग के मुताबिक, "हमें एशिया से बाहर अन्य किसी देश या क्षेत्र के एथलीटों को नजरअंदाज करने पर काम करना है. वे लोग एथलीटों को खरीद रहे हैं. वे दूसरे देशों के एथलीटों को खरीद रहे हैं और अपने देश के एथलीटों को प्रशिक्षण नहीं दे रहे हैं जो कि एशियाई देशों के हित में नहीं हैं."

हालांकि ओसीए ने साथ ही कहा कि अफ्रीकी मूल के खिलाड़ियों की सफलताओं से एशियाई देशों के खेलों के कौशल में बढ़ोतरी हो रही है. नाइजीरियाई मूल के उगुनोड ने कतर के झंडे के तले 100 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया है. इसके अलावा केन्या, मोरक्को और इथियोपिया के एथलीट भी 17वें एशियाई खेलों में पदक जीत रहे हैं. चार साल पहले ग्वांग्झू एशियाई खेलों में पुरुषों की 5000 मीटर और 10000 मीटर स्पर्धाओं में सभी छह पदक अफ्रीकी मूल के एथलीटों ने जीते थे. हालांकि ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल मुसल्लम ने कहा कि अफ्रीकी मूल के एथलीटों के एशियाई खेलों में भाग लेने से वह चिंतित नहीं हैं.

महिलाओं की 10000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली जापान की अयूमी हगिवारा ने कहा कि अफ्रीकी एथलीटों की मौजूदगी सिर पर तलवार लटकने जैसी है. वहीं मेजबान दक्षिण कोरिया के किम योग गू का कहना है कि अफ्रीकी मूल के एथलीटों से मुकाबला कठिन हो रहा है. किम कहते हैं, "मुझे लगता है कि अगर अफ्रीकी मूल के एथलीट इसमें भाग न लेते तो दक्षिण कोरियाई खिलाडियों को और भी चमकने का मौका मिलता."

एए/एमजे (एएफपी, वार्ता)

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