एप्पल संस्थापक स्टीव जॉब्स का निधन | दुनिया | DW | 06.10.2011
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दुनिया

एप्पल संस्थापक स्टीव जॉब्स का निधन

कंप्यूटर को नई शक्ल देने वाले स्टीव जॉब्स का देहांत हो गया है. 56 साल के जॉब्स कैंसर से लड़ाई हार गए. कंप्यूटर की दुनिया में शोक का माहौल.

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प्रसिद्ध अमेरिकी कंप्यूटर कंपनी एप्पल के सह संस्थापक और पूर्व प्रमुख स्टीव जॉब्स का निधन हो गया. उनकी उम्र 56 साल थी. एप्पल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा है, "हमें यह बात बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि स्टीव जॉब्स अब हमारे बीच नहीं रहे." बयान में कहा गया है कि कि स्टीव की कुशलता, उनका उत्साह और ऊर्जा न जाने कितने उत्पादों का स्रोत बनी जिन्होंने हमारे जीवन को बेहतर बनाया है. एप्पल ने दूरदर्शी तथा रचनाशील प्रतिभा और दुनिया ने एक अद्भुत इंसान को खो दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी स्टीव जॉब्स की मौत पर शोक जताते हुए कहा है, "स्टीव जॉब्स एक दूरदर्शी व्यक्ति और एक महान अमेरिकी आविष्कारक थे. स्टीव जॉब्स एक अलग सोच रखते थे और इन्हें इस बात का विश्वास था कि वह दुनिया को बदल सकते हैं, जो उन्होंने कर के भी दिखाया." वहीं माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स ने एक ईमेल में लिखा, "हम सब, जिन्हें स्टीव के साथ काम करने का सौभाग्य मिला, उन्हें बहुत याद करेंगे. मुझे उनकी कमी बहुत ज्यादा खलेगी."

दुनिया को आईफोन, आईपॉड और आईपैड देने वाले स्टीव जॉब्स साल भर से कैंसर का शिकार थे. बीमारी के कारण उन्होंने इस साल अगस्त में ही इस्तीफा दे दिया था. सीईओ का पद छोड़ने के बावजूद वह अभी तक बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स के अध्यक्ष थे.

स्टीव जॉब्स की मौत से एक दिन पहले ही एप्पल ने आईफोन फोर-एस रिलीज किया था. इसके लिए केलिफोर्निया में एप्पल के मुख्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया.

स्टीव जॉब्स ने कभी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की. 1976 में उन्होंने अपने पिता के गैरेज में अपनी कंपनी शुरू की. जैसा कि एप्पल ने अपने बयान में कहा है जॉब्स अपने पीछे एक ऐसी कंपनी छोड़ गये हैं जिसे सिर्फ वही बना सकते थे.

रिपोर्ट: एएफपी/रॉयटर्स/ईशा भाटिया

संपादन: महेश झा

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