एप्पल को नहीं मिला फल | विज्ञान | DW | 18.12.2012
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विज्ञान

एप्पल को नहीं मिला फल

सैन फ्रांसिस्को की एक अदालत ने एप्पल की उस याचिका को नामंजूर कर दिया है जिसमें अमेरिका में सैमसंग के स्मार्टफोन बेचने पर रोक लगाने की मांग की गई थी. हालांकि अदालत ने माना है कि सैमसंग ने पेटेंट कानून को तोड़ा है.

स्मार्टफोन की लड़ाई से जुड़े पेटेंट के इस मामले में एप्पल को जीत हासिल हुई. आईफोन और आईपैड समेत ऊंचे दर्जे के कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी ने साबित कर दिया कि कोरियाई कंपनी ने पेटेंट कानून का उल्लंघन किया है. दिक्कत यह हुई है कि वह यह साबित करने में नाकाम रही कि लोग केवल तकनीक को ध्यान में रख कर फोन खरीद रहे हैं. अमेरिका के जिला अदालत की जज लूसी कोह ने अपने फैसले में कहा, "हालांकि फोन में ऐसे कुछ एप्लीकेशन हैं, जो चोरी की गई हैं लेकिन इसमें ऐसी खूबियों की भी कमी नहीं जो कंपनी ने खुद तैयार की हैं. अगर कोर्ट इन पर रोक लगा देती है तो ग्राहक बाकी खूबियों से महरूम हो जाएंगे."

जज ने कहा कि बाजार से फोन को हटाने पर लोगों का अहित होगा केवल कुछ खूबियों के लिए फोन की तमाम दूसरी खूबियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जज ने कहा, "सारी बातों को ध्यान में रखने के बाद अदालत इस फैसले पर पहुंची है कि न्याय की बराबरी के सिद्धांत का फोन पर रोक लगाने से हासिल नहीं हो सकेगा."

अदालत ने यह भी माना है कि एप्पल यह भी नहीं बता पाया है कि सैमसंग ने जिन छह खूबियों और डिजाइन के पेटेंट का उल्लंघन किया, उससे एप्पल को क्या नुकसान हुआ. कोर्ट के मुताबिक फोन पर रोक की मांग बहुत व्यापक है और इसमें सैमसंग के 26 दूसरे उपकरण भी शामिल हैं. इन उपकरणों को सैमसंग भविष्य में पेटेंट अधिकारों से लैस करने के बाद लॉन्च कर सकती है.

दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनियों में एक सैमसंग को अमेरिकी जूरी ने अगस्त में एप्पल को एक अरब डॉलर से ज्यादा का हर्जाना देने का आदेश दिया था. सैमसंग पर अपने सबसे महंगे गैलैक्सी एस स्मार्टफोन में आईफोन और आईपैड की कुछ खूबियों के नकल का इस्तेमाल का आरोप साबित हुआ है.

सैमसंग ने इस फैसले के खिलाफ अपील की. इसी दौरान जापान और नीदरलैंड्स में दो अलग अलग फैसलों में एप्पल के पेटेंट के साथ छेडछाड़ के आरोपों को खारिज कर दिया गया. स्मार्टफोन के बाजार में दोनों कंपनियों के बीच जबर्दस्त होड़ है और दोनों एक दूसरे के बाजार में सेंध लगाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं.

एनआर/एजेए(एएफपी)

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