एडाथी के चक्कर में कृषि मंत्री नपे | दुनिया | DW | 14.02.2014
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दुनिया

एडाथी के चक्कर में कृषि मंत्री नपे

भारतीय मूल के नेता सेबास्टियान एडाथी के चक्कर में जर्मनी के कृषि मंत्री हंस पेटर फ्रीडरिष को इस्तीफा देना पड़ा. पिछली सरकार में गृह मंत्री रहे फ्रीडरिष पर एडाथी से जुड़ी जांच की दूसरों से चर्चा करने का आरोप है.

भारी दबाव झेल रहे सीएसयू के नेता हंस पेटर फ्रीडरिष ने बर्लिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पद से इस्तीफा देने का एलान किया. फ्रीडरिष पर आरोप है कि गृह मंत्री के तौर पर उन्हें जो गोपनीय जानकारी मिली, वह उन्होंने एसपीडी के कुछ आला नेताओं के साथ बांटी. दिसंबर 2013 में नई सरकार में फ्रीडरिष को गृह मंत्रालय की जगह कम आंका जाने वाली कृषि मंत्रालय दिया गया.

जर्मनी के अभियोक्ता अब पूर्व गृह मंत्री फ्रीडरिष के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस ने इससे पहले भारतीय मूल के 40 वर्षीय पूर्व सांसद सेबास्टियान एडाथी के घर की तलाशी ली. उन पर बच्चों की पोर्नोग्राफी रखने के आरोप हैं. एडाथी जर्मन सरकार में शामिल पार्टी एसपीडी के अहम सदस्य हैं. हाल ही में उनकी अध्यक्षता में एक संसदीय आयोग ने नवनाजी हत्याकांड के एक संवेदनशील मामले की जांच की.

एडाथी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है, "ऐसा दावा किया जा रहा है कि मैंने चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखी है. यह गलत बात है. मेरी तरफ से कोई गैरकानूनी बर्ताव नहीं हुआ है." मामला सामने आने से पहले ही सेहत का हवाला देते हुए एडाथी ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था.

पहले से जानकारी

अब चर्चा इस बात पर चल रही है कि क्या एडाथी को इस बात की जानकारी पहले ही चल गई थी कि उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है. एसपीडी के नेताओं ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें अक्टूबर में ही इस जांच के बारे में पता था. उन्होंने कहा कि एसपीडी के प्रमुख जिगमार गाब्रिएल को फ्रीडरिष ने इस बात की जानकारी दी थी कि एक अंतरराष्ट्रीय जांच में एडाथी का नाम सामने आया है. फ्रीडरिष उस वक्त गृह मंत्री थे, लेकिन अब उन्हें नए मंत्रिमंडल में कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. अगर ये बात साबित होती है तो यह जर्मनी के गोपनीयता कानून का उल्लंघन होगा.

Sebastian Edathy

सेबास्टियान एडाथी

इसके बाद गाब्रिएल ने इस बात की जानकारी एसपीडी संसदीय दल के नेता थोमस ओपरमन को दे दी. ओपरमन एडाथी के दोस्त हैं और उनकी ही तरह लोवर सेक्सनी प्रांत से ही सांसद हैं. ओपरमन का कहना है कि उनके और गाब्रिएल के अलावा इस बात की जानकारी फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर को भी थी, जो पहले संसद में विपक्ष के नेता थे और फिलहाल जर्मनी के विदेश मंत्री हैं. हनोवर में सरकारी वकील के दफ्तर की प्रवक्ता काथरिन जोएफकर का कहना है कि इस बात को सुन कर वह हैरान हैं और अब इसके संभावित नतीजों पर चर्चा की जा रही है.

इस्तीफे का दबाव

अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि क्या एडाथी को इस बारे में निजी तौर पर भी जानकारी मिली थी या नहीं. अगर ऐसा हुआ था, तो उन्हें सबूत मिटाने के लिए पर्याप्त वक्त मिल गया था. हालांकि ओपरमन को कहना है कि उन्होंने एडाथी को कुछ नहीं बताया है. जांचकर्ताओं का कहना है कि एडाथी के दफ्तर और घर से जो कंप्यूटर जब्त किए गए हैं, उनमें से कई डाटा मिटाए गए हैं. जर्मन विपक्ष ने मांग की है कि पूरी बात को सामने लाया जाए कि किसे कितना पता था और क्या एडाथी को पुलिस के छापे के बारे में पहले से कुछ पता था.

नवनाजियों द्वारा की गई हत्याओं की जांच की वजह से एडाथी पिछले साल सुर्खियों में थे. इसके बाद जब नई सरकार बनी और उनकी पार्टी सरकार में शामिल हुई, तो उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने पर कई जगह हैरानी हो रही थी. हालांकि इसकी कुछ वजह अब साफ हो रही है.

एजेए/एमजे (एपी, डीपीए)

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