एएफडी की योजना, छात्र करें शिक्षकों की शिकायत | दुनिया | DW | 10.10.2018
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दुनिया

एएफडी की योजना, छात्र करें शिक्षकों की शिकायत

जर्मनी की धुर राष्ट्रवादी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) देश भर में ऐसे ऑनलाइन पोर्टल स्थापित करना चाहती है जहां स्कूली बच्चे ऐेसे शिक्षकों की निंदा कर सकते हैं जो पार्टी के खिलाफ बात करते हैं.

एएफडी स्कूली छात्रों को अपने शिक्षकों की निंदा करने का मौका देना चाहती है. इसके तहत छात्र ऐसे शिक्षकों की खुली निंदा कर सकते हैं जो कक्षा में राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़ी बातें करते हैं. हाल में पार्टी ने हैम्बर्ग में "न्यूटरल स्कूल्स" के नाम से एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया था. इस पोर्टल के तहत स्कूल स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा सकती है जो राजनीतिक तटस्थता को दरकिनार करते हुए पार्टी की आलोचना करते हैं.

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एएफडी ऐसे प्लेटफॉर्म देश के नौ अन्य राज्यों में शुरू करना चाहती है. इसमें बवेरिया, बाडेन वुर्टेमबर्ग, ब्रांडनबुर्ग और सेक्सनी प्रमुख हैं. कई शिक्षक समूहों, राजनेताओं समेत राजनीतिक दलों ने इस पोर्टल के खिलाफ आवाज उठाई है. बाडेन व्युर्टेमबर्ग राज्य के मुख्यमंत्री विनफ्रीड क्रेचमन ने कहा, "एएफडी खुली निंदा करने की प्रथा को स्थापित कर रही है जो एकदलीय शासन पद्धति की तरफ बढ़ता कदम है."

जर्मन एजुकेशन यूनियन (जीईडब्ल्यू) और देश के सबसे बड़े शिक्षक संगठन, जर्मन टीचर एसोसिएशन ने भी इस योजना का विरोध किया है. जीईडब्ल्यू बोर्ड की सदस्य इल्का होफमन ने एक स्थानीय अखबार से कहा, "शिक्षकों को डरना चाहिए, यह एक डरावनी बात है." जर्मन टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष हाइंत्स-पेटर मायडिंगर मानते हैं कि ये योजना, "बच्चों का शोषण करने वाली और निंदा को बढ़ावा देने वाली" है.

वहीं एएफडी इसे निंदा से जुड़ा नहीं मानती. पार्टी के वरिष्ठ सदस्य बेर्ड बाउमन ने कहा कि ऐसे ऑनलाइन पोर्टल का निंदा से कुछ लेना-देना नहीं हैं. उन्होंने कहा कि एएफडी ने ऐसे सबूत जुटाए हैं जो दिखाते हैं कि शिक्षकों को स्कूलों में अपने राजनीतिक विचार जाहिर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, ऐसे विचार एएफडी की कट्टरपंथी और अमानवीय तस्वीर पेश करते हैं.

बवेरिया राज्य के चुनावों में पार्टी की उम्मीदवार काटरीन एबनर-श्टाइनर का कहना है कि इस स्कीम का मकसद तटस्थता कानून को लेकर जागरूकता फैलाना है, और वह राज्य में इस स्कीम का स्वागत करेंगी. हालांकि बहुत से जर्मनों के लिए दूसरे के भेद सार्वजनिक रूप से उजागर करना, इतिहास के काले अध्यायों मसलन नाजी काल या कम्युनिस्ट जर्मन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक को याद करना अहम सबक है. शरणार्थी विरोधी नीतियों का समर्थन करने वाली एएफडी को साल 2017 के आम चुनावों में 13 फीसदी वोट मिले थे. एएफडी इस वक्त जर्मन संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. 

एए/ओएसजे (एएफपी, डीपीए)

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