एंटी डोपिंग एजेंसी चाहती है रूसी एथलीट्स पर रोक | खेल | DW | 10.11.2015
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खेल

एंटी डोपिंग एजेंसी चाहती है रूसी एथलीट्स पर रोक

विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद 2016 रियो ओलंपिक में कई रूसी एथलीट्स पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग उठी है. वहीं जर्मन फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नीर्सबाख ने 2006 फीफा विश्व कप से जुड़े विवाद में पद छोड़ा.

विश्व फुटबॉल संगठन फीफा पहले ही गंभीर संकट झेल रहा है. फीफा संकट के तार रूस से भी जुड़े हैं क्योंकि इसका असर उसे मिली 2018 फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी पर भी पड़ सकता है. ऊपर से,अब रूस पर सरकार प्रायोजित डोपिंग प्रोग्राम चलाने और अपनी आंतरिक गुप्त सेवा एफएसबी पर ओलंपिक डोपिंग लैब में अपना निगरानी कार्यक्रम चलाने के आरोप लगे.

कुछ रूसी अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह नकारा है तो कुछ इसे पश्चिम के राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा बता रहे हैं. रूसी खेल मंत्री विटाली मुतको ने तो वाडा की इस रिपोर्ट के विरोध में संगठन को एंटी-डोपिंग कार्यक्रम के लिए दी जाने वाली सरकारी आर्थिक मदद छीन लेने की बात कही है. रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद मुतकों ने रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स से बातचीत में कहा,"अगर हमें इस पूरे तंत्र को ही बंद करना होगा,तो हम बड़ी खुशी से इसे बंद कर देंगे... इससे हमारे पैसे ही बचेंगे."खेल मंत्री ने सरकारी टीवी पर कहा कि इस रिपोर्ट में सरकार के डोपिंग से संबंधित होने का "कोई गंभीर निष्पक्ष प्रमाण"नहीं है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से उनके प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने एफएसबी के एंटी डोपिंग कामों में दखल देने के आरोपों पर साफ किया कि यह सब "क्रेमलिन के अजेंडा का हिस्सा नहीं है." इस बीच रूसी मेडिकल एजेंसी के प्रमुख व्लादिमीर उईबा ने भी कहा है कि वाडा की रिपोर्ट "राजनीति से प्रेरित" है और इसका इस्तेमाल रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने के लिए किया जा सकता है. रूसी एथलेटिक्स फेडरेशन ने रिपोर्ट के सभी प्रमुख आरोपों को नकार दिया है. वाडा आयोग ने कई रूसी एथलीट्स पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. रूसी खेल मंत्रालय ने कहा है कि वे वाडा के साथ इन आरोपों की जांच में सहयोग करेंगे.

खेलों के भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय फुटबॉल फेडरेशन जर्मनी का जर्मन फुटबॉल एसोसिएशन (डीएफबी) भी फंस गया है. डीएफबी के अध्यक्ष वुल्फगांग नीर्सबाख ने सोमवार को 2006 फुटबॉल विश्व कप से जुड़े विवाद के सिलसिले में अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

करीब 67 लाख यूरो की टैक्स चोरी से जुड़े मामले की जांच चल रही है. आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल जर्मनी को 2006 के फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी दिलाने के लिए किया जाना था.

आरआर/एसएफ (एपी,रॉयटर्स)

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