ऋषिकेश में खुला बीटल्स आश्रम | मनोरंजन | DW | 12.12.2015
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मनोरंजन

ऋषिकेश में खुला बीटल्स आश्रम

दुनिया की कई जानी मानी हस्तियां योग और ध्यान के लिए भारत का रुख करती रही हैं. मशहूर रॉक बैंड बीटल्स भी इनमें से एक है. जानिए बीटल्स आश्रम की कहानी.

50 Jahre Beatles

जॉन लेनन, पॉल मैक कार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार, ये चारों 1968 में ऋषिकेश पहुंचे.

एप्पल के स्टीव जॉब्स और फेसबुक के मार्क जकरबर्ग भी इनमें से हैं. इसी तरह हॉलीवुड की जूलिया रॉबर्ट्स और केट विंसलेट भी भारत की कायल हैं. यह कोई नया चलन नहीं है. 60 और 70 के दशक में भी पश्चिम से लोग भारत आ रहे थे. उस जमाने का मशहूर रॉक बैंड बीटल्स भी भारत के चाहने वालों में शामिल था. चार नौजवानों ने मिल कर ब्रिटेन के इस बैंड की रचनी की थी. ये चारों "फैब फोर" के नाम से मशहूर हुए.

जॉन लेनन, पॉल मैक कार्टनी, जॉर्ज हैरिसन और रिंगो स्टार, ये चारों 1968 में ऋषिकेश पहुंचे और महर्षि महेश योगी के आश्रम में जा कर रुके. 1970 से यह आश्रम खाली पड़ा था. महेश योगी और उनके अनुयायी कहीं और जा बसे लेकिन बीटल्स के चाहने वाले उनके नाम पर यहां आते रहे.

2003 से यह इलाका वन विभाग के क्षेत्र में शामिल कर लिया गया. धीरे धीरे इसे फिर से खोलने पर विचार किया गया. आखिरकार पिछले हफ्ते इसे "बीटल्स आश्रम" के नाम से सैलानियों के लिए खोला गया. आश्रम में जाने के लिए भारतीयों को 150 और विदेशियों को 700 रुपये की टिकट लेनी होगी.

उत्तराखंड के वन अधिकारी डीवीएस खाती ने डॉयचे वेले से बातचीत में कहा, "हम यहां कोई बदलाव नहीं लाएंगे. लोग महेश योगी और बीटल्स के कारण यहां आते हैं. हमारी ओर से इसे पर्यटन स्थल बनाने पर काफी काम किया गया है. इसका मकसद स्थानीय समुदायों को इस विरासत को संभाल कर रखने के लिए प्रेरित करना है." खाती ने बताया कि आश्रम में आने वालों की संख्या को सीमित रखा जाएगा ताकि इमारत को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचे.

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जॉन लेनन को महेश योगी का ब्रह्मचर्य एक ढोंग लगता था.

आसपास के होटल मालिक भी बीटल्स आश्रम के खुलने से खुश हैं. स्थानीय होटल मालिक मोहित डांग ने कहा, "योग और ध्यान के लिए यह एक बेहद खूबसूरत जगह है. आम लोगों के लिए इसे खोलने का फैसला अच्छा है और हम उम्मीद करते हैं कि इससे संगीत और आध्यात्म में रुचि रखने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी."

बताया जाता है कि "फैब फोर" का महेश योगी के साथ मन मुटाव हुआ, जिसके बाद उन्होंने वहां ना लौटने का फैसला किया. ऐसी कहानियां प्रचलित हैं कि रिंगो स्टार को आश्रम में परोसा जाने वाले मसालेदार खाने से आपत्ति थी, तो जॉन लेनन को महेश योगी का ब्रह्मचर्य एक ढोंग लगता था. हालांकि जॉर्ज हैरिसन इस जगह से इतने प्रभावित हुए कि उसके बाद कई बार भारत लौटे. उन्होंने ना केवल योग सीखा, बल्कि पंडित रवी शंकर से सितार वादन भी सीखा.

18 एकड़ में फैले इस आश्रम में इस बैंड के सदस्यों ने जितना वक्त बिताया, वह उनके करियर के लिए काफी अहम साबित हुआ. यहीं पर उन्होंने कई ऐसे गीत लिखे जो बाद में सुपरहिट साबित हुए.

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