ऊंटों की प्रतियोगिता में डोपिंग जैसा खतरा | दुनिया | DW | 30.01.2018
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दुनिया

ऊंटों की प्रतियोगिता में डोपिंग जैसा खतरा

तस्वीरों में नजर आ रहे ये ऊंट कोई आम ऊंट नहीं हैं, बल्कि एक सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे प्रतिभागी हैं. लेकिन इस बार प्रतियोगिता के जज इनके पाउट से लेकर कूबड़ तक की बारीकी से जांच कर रहे हैं.

सऊदी अरब में ऊंटों से जुड़ी सौंदर्य प्रतियोगिताएं होती रहती हैं. लेकिन इस बार प्रतियोगिता के जज बेहद ही बारीकी से इन ऊंटों की सुंदरता की जांच कर रहे हैं. वे नजर बनाए हुए हैं कि क्या इनके पाउट करने वाले ओंठ और इनके सुडौल कूबड़ वाकई असल हैं या इन्हें कॉस्मेटिक्स या सर्जरी के जरिए ऐसा बनाया गया है. दरअसल अब ऊंट के मालिक ऐसी प्रतियोगिताओं को जीतने के लिए कॉस्मेटिक और बोटोक्स इंजेक्शनों का इस्तेमाल करने लगे हैं. इसे एक तरह की डोपिंग भी कहा जा सकता है. 

एक महीने तक चलने वाले इस अब्दुलअजीज कैमल फेस्टिवल में 14 ऊंटों को अयोग्य घोषित किया गया. इस फेस्टिवल को सऊदी अरब के शाही परिवार का समर्थन मिलता है और खाड़ी देशों के बहुत से प्रतिभागी 5.7 करो़ड़ डॉलर के ईनाम वाली इस प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचते हैं इस प्रतियोगिता में करीब 30 हजार ऊंटों ने भाग लिया, लेकिन कार्यक्रम के आयोजकों को कॉस्मेटिक्स का बढ़ता इस्तेमाल रास नहीं आ रहा है. उनके मुताबिक यह प्रतियोगिता के स्तर को गिराता है.

फेस्टिवल के एक जज अब्दुल्ला बिन नसीर का कहना है कि कुछ ऊंटपालक ऐसे होते हैं जो महंगे ऊंट नहीं खरीद सकते, ऐसे में वह सस्ते ऊंट खरीद कर उन्हें ही कृत्रिम रूप से तैयार कर सुंदर दिखाने की कोशिश करते हैं और इस तरह के गलत काम करते हैं. इस सौंदर्य प्रतियोगिता को जीतने के लिए ऊंट के सुंदर ओंठ, सही आकार में निकला कूबड़ और पतली गर्दन बेहद ही अहम होते हैं.

यहां प्रतियोगिता में नकद पुरस्कारों का मकसद लोगों का झुकाव ऊंटों के वास्तविक रंग रूप की ओर पैदा करना है साथ ही यह मसला ऊंटों के स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ है. लेकिन अगर कोई इससे जुड़े अपराध में पकड़ा जाता है तो उस पशु को तीन से पांच साल तक के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है. इस कार्यक्रम के शुरू होने से पहले सऊदी प्रशासन ने एक ऊंट मालिक को पकड़ा था जो उसकी प्लास्टिक सर्जरी करा रहा था. इस मामले के बाद से ही ऐसे कृत्यों पर कड़ी सजा की मांग बढ़ी है. 

कुछ मामले में ऊंटों को बोटोक्स इंजेक्शन भी दिया जाता है और कई बार तो इनके मालिक उनके कान को सुंदर बनाने के लिए उन पर चाकू का इस्तेमाल करते हैं. कार्यक्रम के मुख्य जज फजान अल मैदी ने कहा, "किसी भी जगह बेईमानी नहीं हो सकती, किसी सौंदर्य प्रतियोगिता में भी नहीं". मैदी ने बताया ने अब कृषि मंत्रालय ने प्रतियोगिता के नियमों का उल्लंघन करने वालों का पता करने के लिए टीमें तैनात की है. मैदी ने कहा, "ऊंट अरब प्रायद्वीप का प्रतीक है. वे हमारा गर्व है."

एए/एमजे (एएफपी)

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