उस्ताद बिस्मिल्ला खां की शहनाई पर विवाद | मनोरंजन | DW | 11.09.2014
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मनोरंजन

उस्ताद बिस्मिल्ला खां की शहनाई पर विवाद

शहनाई के शहंशाह भारतरत्न बिस्मिल्ला खां की विरासत को लेकर रिश्तेदारों में चल रही जद्दोजहद के बीच उनकी एक शहनाई के गुम हो जाने की खबर आम होने से हड़कंप मच गया है.

उस्ताद बिस्मिल्ला खां के पांच बेटों में सबसे छोटे बेटे नाजिम हुसैन का दावा है कि उनके अब्बा की शहनाई गायब हो गई है. उनका कहना है कि उस्ताद उस शहनाई को हर समय अपने साथ रखते थे. वे दावा करते हैं कि 2009 में घर की साफ सफाई करते समय उनकी शहनाई गायब हो गई.

नाजिम हुसैन ने समाचार एजेंसी यूनीवार्ता से बातचीत में शहनाई के गायब करने वालों का नाम तो नहीं लिया लेकिन इसके पीछे किसी नजदीकी के हाथ होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया. उन्होंने शहनाई को देश के बाहर तस्करी कर भेज दिए जाने की आशंका भी जताई है. नाजिम ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सीबीआई जांच से ही पता चल सकेगा कि धन कमाने के लिए उस्ताद की शहनाई तस्करी कर विदेश भेजी गई है या नहीं.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मसले को उन्होंने पहले भी उठाया था लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया. इस बीच उस्ताद के बड़े पौत्र मोहम्मद शिब्तैन ने नाजिम के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है और दावा किया कि उस्ताद की असली शहनाई सुरक्षित है. उनका कहना है कि उस्ताद वादन के समय एक प्रमुख शहनाई का उपयोग करते थे, लेकिन रियाज के लिए उनके पास कई शहनाइयां थीं. उन्होंने बताया कि मुख्य शहनाई के साथ रियाज के समय उपयोग में आने वाली शहनाइयां भी सुरक्षित हैं. हालांकि उन्होंने परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद की बात कबूली है.

उस्ताद बिस्मिल्ला खां का निधन अगस्त 2006 में हुआ था.

एए/आईबी (वार्ता)

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