उबर में दो साल में हुए 450 से भी ज्यादा बलात्कार  | दुनिया | DW | 06.12.2019
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दुनिया

उबर में दो साल में हुए 450 से भी ज्यादा बलात्कार 

टैक्सी सेवा उबर ने पहली बार माना है कि अमेरिका में दो साल में उसकी सेवाओं के इस्तेमाल के दौरान 6000 यौन अपराधों के मामले हुए. यात्रियों की सुरक्षा के लिए और इंतजाम करने के लिए ऊबर पर दबाव बढ़ गया है. 

उबर ने कहा है कि 2017 और 2018 के बीच अमेरिका में यौन अपराधों के लगभग 6000 मामले उसके संज्ञान में लाए गए थे. इनमें 450 से भी ज्यादा बलात्कार के मामले शामिल हैं. पहली बार कंपनी ने इस तरह के आंकड़े जारी किए हैं. उबर से लंबे समय से ये मांग की जा रही है कि वह शोषण की शिकायतों पर कार्रवाई करे.

इस रिपोर्ट में उबर यात्रियों और ड्राइवरों, दोनों पर ही हमले के मामलों के बारे में विस्तार से बताया गया है. आंकड़ों में 19 घातक हमले भी शामिल हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली गई. मारे गए लोगों में आठ यात्री, सात ड्राइवर और चार अन्य लोग शामिल रहे. रिपोर्ट में जानलेवा दुर्घटनाओं की जानकारी भी दी गई है और बताया गया है कि दो साल की इस अवधि में कुल 97 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 107 लोग मारे गए. 

रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि ये मामले गिने-चुने हैं, फिर भी हर एक मामले का मतलब है कि एक व्यक्ति ने आगे बढ़ कर अपना एक अत्यंत दर्दनाक अनुभव साझा किया. हम एक एक मामले से चिंतित हैं". 

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सभी मामलों को पांच अलग अलग श्रेणियों में रखा गया है और सामने आया कि पांच में से तीन श्रेणियों में 2017 के मुकाबले 2018 में वृद्धि देखने को मिली. लेकिन कंपनी ने यह भी कहा कि यात्रियों की कुल संख्या बढ़ने की वजह से हमलों की आवृत्ति में 16 प्रतिशत की गिरावट आई है.

इस बीच, उबर की प्रतिद्वंदी कंपनी लिफ्ट ने अपने आप को सामाजिक तौर पर ज्यादा जिम्मेदार कंपनी के रूप में पेश करने की कोशिश की है. यह कंपनी भी यौन अपराध के कई मामलों की वजह से मुकदमों का सामना कर रही है. बुधवार को सान फ्रांसिस्को में लिफ्ट के खिलाफ 20 महिलाओं ने मुकदमे दायर किए. 

इस तरह के कितने मुकदमे हैं, उनकी संख्या के बारे में सार्वजनिक जानकारी नहीं है, लेकिन इनकी वजह से ऊबर और लिफ्ट को यात्रियों की सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम करने के लिए कई कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है. 

लिफ्ट की एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी समझती है कि महिलाओं को यात्रा करने के दौरान अत्यधिक खतरों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा, "हम इन खतरों को समझते हैं, इसीलिए हम लगातार अपने काम के हर पहलू में सुरक्षा लाने की कोशिश करते हैं." 

सीके/एके (एएफपी)

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