उधार के पहाड़ पर अमेरिकी बैठक | दुनिया | DW | 28.12.2012
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दुनिया

उधार के पहाड़ पर अमेरिकी बैठक

अमेरिका में कर्ज के बोझ से निपटने के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा आज एक अहम बैठक कर रहे हैं, जिसमें उनके विरोधी नेता भी शामिल होंगे. ओबामा इसकी वजह से छुट्टियां छोड़कर वाशिंगटन लौट आए हैं.

व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में दोनों पार्टियों के नेताओं की इस बैठक में राष्ट्रपति ओबामा रिपब्लिकन पार्टी के हाउस स्पीकर जॉन बोनर और सीनेट में अल्पमत के नेता मिच मैकोनेल के अलावा सीनेट में बहुमत के नेता डेमोक्रैटिक पार्टी के हैरी रीड से के अलावा प्रतिनिधि सभा में अल्पमत की नेता नैन्सी पलोसी से मिलेंगे.

अमेरिका में साल के अंत से पहले बजट पर समझौता होना है और इस मुद्दे पर पार्टियों की राय बंटी हुई है. मिच मैकोनेल ने कहा, "हम देखेंगे कि राष्ट्रपति किस तरह का प्रस्ताव रखते हैं. दोनों तरफ के लोग इस पर विचार करेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला किया जा सकता है."

उन्होंने उम्मीद जताई कि शायद आखिरी लम्हों में कोई समझौता हो जाए, ताकि टैक्स देने वाले लोगों को एक बेहद जटिल वित्तीय स्थिति में न जाना पड़े. अगर यह डील नहीं होती है तो अमेरिका में अचानक भयंकर तरीके से टैक्स में इजाफा हो सकता है.

डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन पार्टी इस मामले में एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं. उनका कहना है कि गलत नीतियों की वजह से 2013 में अमेरिकी वित्त व्यवस्था बुरी तरह चरमरा सकती है. हैरी रीड ने कहा कि वह ईमानदारी से इस बात का भरोसा नहीं दे सकते हैं कि यह समझौता कब होगा.

बुधवार को राष्ट्रपति ओबामा ने दोनों सदनों के चारों नेताओं से बातचीत की है. वह हवाई में अपनी छुट्टियां बिता रहे थे लेकिन बीच में ही इस मामले को सुलझाने राजधानी वाशिंगटन पहुंच गए हैं ताकि कटौतियों और करों को रोका जा सके. अगर साल के बचे हुए तीन दिन में समझौता नहीं हुआ तो पहली जनवरी से अमेरिका में 500 अरब डॉलर के नए टैक्स और कटौतियां प्रभावी हो जाएंगी.

हालांकि कुछ जगहों पर रिपोर्टें आ रही हैं कि ओबामा ने इस मुद्दे के हल के लिए अपनी योजना बना ली है लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ नहीं किया है कि क्या राष्ट्रपति अपनी तरफ से कोई प्रस्ताव रखने वाले हैं.

इस संकट की वजह से बाजार पर खासा असर पड़ा है और अमेरिकी इस अनिश्चितता में फंसे हैं कि कहीं नए साल में वह कर्ज संकट में तो नहीं फंस जाएंगे. इस मुद्दे को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय भी सतर्क है क्योंकि बजट पर असर पड़ने से अमेरिकी रक्षा बजट भी प्रभावित हो सकता है. अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइथनर ने इसी हफ्ते चेतावनी दी है कि यजि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका 31 दिसंबर तक ही 16,380 अरब डॉलर की कर्ज सीमा पर पहुंच जाएगा.

जानकारों का कहना है कि नव वर्ष की पूर्व संध्या से पहले अगर हल नहीं निकल पाया, तो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मंदी में चली जाएगी.

एजेए/एमजे (एएफपी)

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