ईरानी ड्रोन गिराने के अमेरिकी दावे से और बढ़ा खाड़ी में तनाव | दुनिया | DW | 19.07.2019
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दुनिया

ईरानी ड्रोन गिराने के अमेरिकी दावे से और बढ़ा खाड़ी में तनाव

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत ने उसके 1,000 गज की सीमा के अंदर उड़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया. इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए अमेरिका ने कई बार चेतावनी दिए जाने की बात कही है.

खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया है कि होरमुज की खाड़ी के प्रवेश द्वार पर तैनात एक अमेरिकी नौसैनिक पोत खतरा महसूस होने पर ईरानी ड्रोन को मार गिराया. ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत यूएसएस बॉक्सर द्वारा ईरानी ड्रोन पर किया गया हमला एक "रक्षात्मक कार्रवाई" थी क्योंकि वह "जहाज और जहाज के चालक दल की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा था."

ट्रंप ने कहा, "बॉक्सर के 1,000 गज (914 मीटर) की सीमा के भीतर पहुंचने के बाद ड्रोन "तुरंत नष्ट" कर दिया गया. अमेरिका के पास यह अधिकार है कि वह अपने जवानों, उनकी सुविधाओं और हितों की रक्षा कर सके. हम सभी देशों से आह्वान करते हैं कि वे नेविगेशन और वैश्विक वाणिज्य की स्वतंत्रता को बाधित करने के ईरान के प्रयासों की निंदा करें." उन्होंने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय जल में सक्रिय जहाजों के खिलाफ लगातार भड़काऊ और शत्रुतापूर्ण हरकतें करने का आरोप लगाया. 

वहीं दूसरी ओर तेहरान के शीर्ष राजनयिक मोहम्मद जवाद जरीफ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ बैठक के लिए न्यूयॉर्क मुख्यालय पहुंचे हैं. यहां उन्होंने कहा कि उनके पास किसी तरह के ड्रोन को नष्ट किए जाने की सूचना नहीं है. ईरान ने बीते रविवार को कथित रूप से ईंधन की तस्करी कर रहे पनामा का झंडा लगे पोत और उसके 12 क्रू सदस्यों वाले एक "विदेशी टैंकर" को अपने कब्जे में लेने का बचाव किया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सिपाहन्यूज वेबसाइट पर लिखा गया है कि जिस समय पोत को रोका गया था, उस समय वह ईरानी नौकाओं से प्रतिबंधित ईंधन लेकर कहीं दूर विदेशी जहाजों को पहुंचाने के रास्ते पर था.

इसके पहले इस इलाके में होने वाले कई छोटे बड़े हमलों के आरोप भी ईरान पर लगे थे. जिनके जवाब में मई में अमेरिका के पेंटागन ने ईरान के पास के अंतरराष्ट्रीय जल में अपना एक विमान वाहक हमला समूह और एक बमवर्षक कार्य बल तैनात करने की घोषणा की थी. जून में तेहरान ने जब एक अमेरिकी निगरानी ड्रोन को मार गिराया तब ट्रंप ने पहले तो ईरान के खिलाफ हवाई हमले का आदेश दे डाला लेकिन फिर उसे वापस ले लिया था.

Karte Strait of Hormuz Iran Oman EN

4 जुलाई को जिब्राल्टर के पास ब्रिटेन ने एक ईरानी तेल टैंकर को जब्त कर लिया था, जो कथित रूप से प्रतिबंधों के उल्लंघन करते हुए सीरिया को जा रहा था. ईरान ने इसे पाइरेसी करार देते हुए पलटवार किया और एक हफ्ते बाद ही खाड़ी में एक ब्रिटिश टैंकर को रोक दिया था. इस घटना के बाद अमेरिका ने आह्वान किया कि हाइड्रोकार्बन से लदे जल पोतों को होरमुज जलडमरूमध्य के माध्यम से खाड़ी के तेल क्षेत्रों में जाते समय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नावों का बेड़ा बना कर सुरक्षा प्रदान की जाए. अमेरिका के सेंट्रल कमांड के प्रमुख केनेथ मैकेंजी ने खाड़ी इलाके में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए सहयोगियों के साथ "आक्रामक" रूप से काम करने का इरादा जताया है.

ताजा घटना के बाद अमेरिका और उसके खाड़ी क्षेत्र के उसके सहयोगी देशों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष पैदा होने की आशंका बढ़ गई है. इसी खाड़ी इलाके के माध्यम से दुनिया का करीब एक तिहाई तेल पहुंचाया जाता है. ईरान परमाणु समझौता, 2015 को अमेरिका के एकतरफा तौर पर तोड़ने के फैसले के बाद से ही ऐसी घटनाओं का सिलसिला सामने आ रहा है. वॉशिंगटन ने समझौते से हटने के बाद से तेहरान को आर्थिक रूप से कमजोर बनाने वाले प्रतिबंधों की झड़ी लगा दी है.

जुलाई की शुरुआत में ही तेहरान ने इस समझौते में तय हुई यूरेनियम संवर्धन की सीमा को पार करने की बात कही थी. इसके बाद से ही फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, चीन और रूस जैसे समझौते के बाकी साझेदारों पर दबाव बनाना शुरु कर दिया था. ईरान चाहता है कि बाकी देश उस पर प्रतिबंध लगाने में अमेरिका का साथ देने की बजाए उसे वे आर्थिक फायदे पहुंचाएं जिनका वादा परमाणु सधि में किया गया था.      

आरआर/आरपी (एएफपी)

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