इतिहास में आज:10 सितंबर | ताना बाना | DW | 09.09.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज:10 सितंबर

1897 में आज ही के दिन शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में पहली बार किसी को गिरफ्तार किया गया.

लंदन में जॉर्ज स्मिथ नामका एक 25 साल का टैक्सी ड्राइवर वह पहला इंसान बना जिसे नशे में गाड़ी चलाने और एक इमारत में टक्कर करने के दोष में हिरासत में लिया गया. मुकदमा चला और उसे शराब पीकर गाड़ी चलाने का दोषी पाया गया. इसके लिए स्मिथ पर 25 शिलिंग का जुर्माना हुआ.

अमेरिका में नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा पहला कानून 1910 में न्यूयॉर्क शहर में लागू हुआ. 1936 में डॉक्टर रॉला हार्गर ने 'ड्रंकोमीटर' नामकी एक गुब्बारे जैसी मशीन बनाई. इससे सांस की जांच कर बताया जा सकता था कि किसी व्यक्ति ने शराब पी है या नहीं. 1953 में पहला आधुनिक ब्रेथ-एनेलाइजर बना जो इस्तेमाल में बेहद आसान था. इससे सांस में अल्कोहल की वाष्प को मापा जा सकता है. इस उपकरण से खून में अल्कोहल की मात्रा का सही अंदाजा लगता है.

कई मशीनों के मौजूद होने के बावजूद 1980 के दशक के शुरुआती सालों तक जनता में शराब पीकर गाड़ी चलाने के खतरों के बारे में जागरूकता नहीं थी. 1980 में कैलिफोर्निया प्रांत में 'मदर्स अगेंस्ट ड्रंक ड्राइविंग' नामका एक अभियान चला. यहां 13 साल की एक लड़की की किसी नशे में गाड़ी चला रहे व्यक्ति की गाड़ी से दबकर जान चली गई थी. इसके बाद ही नशे में गाड़ी चलाने को एक गंभीर अपराध मानकर इसके खिलाफ कई कड़े कानून बनाए गए. सड़क दुर्घटनाएं और शराब पीकर गाड़ी चलाना आज भी जान का बहुत बड़ा दुश्मन बना हुआ है.

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