इतिहास में आज:10 अप्रैल | ताना बाना | DW | 10.04.2015
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ताना बाना

इतिहास में आज:10 अप्रैल

उन्होंने पहली बार कृत्रिम रूप से पानी को जमाया, ऊष्मा के क्रांतिकारी सिद्धांत रचे और गणित को भी नई ऊंचाइयां दी. ऐसी ही हस्ती से जुड़ा है आज का इतिहास.

स्कॉटलैंड के भौतिकशास्त्री व गणितज्ञ सर जॉन लेस्ली ने पहली बार कृत्रिम बर्फ बनाई. भौतिक विज्ञान का कैपिलरी एक्शन भी 10 अप्रैल 1766 को पैदा हुए जॉन लेस्ली की ही देन है. इसे उन्होंने 1802 में खोजा.

1810 में सर जॉन लेस्ली ने पहली बार एक पम्प का इस्तेमाल कर कृत्रिम बर्फ जमाई. असल में जब पानी का तापमान गिरता है तो उससे भाप भी निकलती है. कुहरा या कुहासा इसी भाप से बनता है. लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान पानी को सुखाने वाला एजेंट भी बाहर निकलता है.

सर जॉन हेनरी ने 1810 में ही एक पम्प की मदद से भाप को अलग किया लेकिन सुखाने वाले एजेंट को पानी में बरकरार रहने दिया. इस तरह पहली बार इंसान से कृत्रिम बर्फ बनाई. आज रेफ्रिजरेटर इसी सिद्धांत पर काम करते हैं.

सर जॉन लेस्ली ने एयर थर्मोमीटर, हिग्रोमीटर, फोटोमीटर, पिरोस्कोप और एटमोमीटर जैसे कई उपकरणों का भी आविष्कार किया. 1832 में उन्हें नाइट की उपाधि से नवाजा गया.

66 साल के जीवन में सर जॉन लेस्ली ने ट्रिग्नोमैट्री, ज्यामिती और ऊष्मा के संचालन को लेकर क्रांतिकारी खोज भी की. उनके द्वारा दिए गए ऊष्मा के सिद्धांत की वजह से आज कई प्रयोगों में लेस्ली क्यूब का इस्तेमाल होता है.

कई महान खोजें करने वाले इस वैज्ञानिक ने 3 नवंबर 1832 को आखिरी सांस ली. लेकिन मशीनों और विज्ञान के सिद्धांत में आज भी सर जॉन लेस्ली के विचार जिंदा हैं.

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