इतिहास में आज: 10 मई | ताना बाना | DW | 09.05.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज: 10 मई

आज ही के दिन 1994 में नेल्सन मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली.

लोकतांत्रिक चुनावों के बाद नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति चुने गए. दक्षिण अफ्रीका की राजधानी प्रेटोरिया में जब मंडेला ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली तो उस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए दुनिया भर के नेता मौजूद थे. पूरे अफ्रीका में जश्न का माहौल था. अपने भाषण के अंत में मंडेला ने कहा, "कभी नहीं, कभी नहीं और कभी नहीं यह खूबसूरत धरती कभी दूसरों के उत्पीड़न को अनुभव करेगी. अब स्वतंत्रता का राज होगा. मानवता के इससे बेहतर उपलब्धि के मौके पर सूरज कभी नहीं डूबेगा. ईश्वर अफ्रीका को आशीर्वाद दे."

मंडेला का जन्म 1918 में देश के दक्षिण पूर्वी हिस्से में हुआ. उन्होंने 1943 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) में कदम रखा. उनकी मदद से 1961 में पार्टी की सैनिक टुकड़ी बनी. लेकिन 1964 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और राजद्रोह और साजिश के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई. इस कैद के 27 में से 18 साल मंडेला ने रोबेन आइलैंड जेल में बिताए. बाद में यह जेल स्वतंत्रता का प्रतीक बना.

अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस और पैन अफ्रीकी कांग्रेस पर लगे प्रतिबंध हटने के नौ दिन बाद 11 फरवरी 1990 को मंडेला को रिहाई मिली. चार महीने पहले उनके अन्य साथियों को रिहा किया जा चुका था लेकिन मंडेला की रिहाई पर एक मत नहीं बन पा रहा था. इससे पहले रिहाई के कई सशर्त प्रस्ताव वह ठुकरा चुके थे.

10 मई 1994 को वह दक्षिण अफ्रीका के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पहले राष्ट्रपति बने. अपने वादे के अनुसार उन्होंने 1999 में राष्ट्रपति पद छोड़ दिया और 1995 में स्थापित नेल्सन मंडेला चिंल्ड्रन्स फंड के लिए काम करने लगे. 5 दिसंबर 2013 को उनका देहांत हो गया.

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