इतिहास में आज: नौ अप्रैल | ताना बाना | DW | 08.04.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज: नौ अप्रैल

इराक के इतिहास में आज का दिन बेहद अहम है, एक तरफ उन्हें 2003 में तानाशाही से मुक्ति मिली, तो दूसरी तरफ अमेरिकी फौजों ने डेरा डाल दिया.

बगदाद के मुख्य फिरदौस चौराहे पर लगी सद्दाम हुसैन की मूर्ति को 9 अप्रैल को गिरा दिया गया. पहले नागरिकों ने इसे हथौड़ी मार कर, फिर गले में फंदा डालकर गिराने की कोशिश की. लेकिन नाकाम होने पर फिर अमेरिकी सैनिक आगे आए और सैनिक वाहन की मदद से मूर्ति को गिरा दिया गया. यह इराक में तानाशाही के खात्मे का संकेत था.

सद्दाम हुसैन के तख्तापलट के साथ बगदाद तो अमेरिका के नियंत्रण में आ गया, लेकिन सद्दाम का फिर भी पता नहीं चल पा रहा था. 14 दिसंबर 2003 को अमेरिका ने इस बात की पुष्टि की कि सद्दाम को एक दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया है.

हिरासत में रहने के करीब एक साल बाद सद्दाम पर औपचारिक आरोप लगाए गए और उन्हें दुजैल हत्याकांड का जिम्मेदार ठहराया गया. करीब एक साल की कार्रवाई के बाद 2006 नवंबर में सद्दाम को फांसी की सजा सुनाई गई.

दूसरी ओर इराक पर अमेरिकी हमले के साथ सद्दाम हुसैन के पतन का लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत तो किया, लेकिन यहां से कई नई परेशानियों ने सिर उठाया. इराक में अराजकता, लूटपाट और रानीतिक संघर्ष शुरू हुआ. 2006 से 2009 तक देश कट्टरपंथियों के हाथों संघर्ष की आग में जलता रहा. शिया सुन्नी झगड़े, ईसाइयों की हत्या और डकैतियों का जोर रहा. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान हर महीने करीब 3000 इराकी मारे जाते थे. 2011 में अमेरिकी सेना इराक से वापस चली गई.

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