इतिहास में आज: तीन मार्च | ताना बाना | DW | 01.03.2014
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ताना बाना

इतिहास में आज: तीन मार्च

2013 में संयुक्त राष्ट्र ने 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे के रूप में मनाए जाने की घोषणा की. वन्यजीवों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते पर आज ही के दिन 1973 में हस्ताक्षर हुए थे.

पेड़ पौधों और पशुओं की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय समझौते पर 3 मार्च 1973 को वॉशिंग्टन में हस्ताक्षर हुए थे. कंवेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पिशीज ऑफ वाइल्ड फॉना एंड फ्लोरा (साइट्स) के अलावा इस समझौते को वॉशिंग्टन कंवेशन के नाम से भी जाना जाता है. प्राकृतिक संरक्षण के अंतरराष्ट्रीय संघ की 1963 में हुई मीटिंग के बाद इस समझौते का ड्राफ्ट तैयार किया गया था. इस समझौते के तहत जिम्मेदारियां निभाने का अधिकार साइट्स के हाथ में 1 जुलाई 1973 को आया.

समझौते का मकसद था अंतरराष्ट्रीय व्यापार के कारण होने वाले खतरों से जानवरों और पेड़ पौधों की रक्षा करना. इस समझौते में वन्य जीव जन्तुओं की 34000 प्रजातियों की रक्षा के लिए कदम उठाने पर सहमति हुई.

20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 68वें अधिवेशन में 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ डे के रूप में मनाने का फैसला किया. मार्च 2013 में साइट्स पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के बैंकॉक में हुए सम्मेलन ने 3 मार्च को यह दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया था. इसके जरिए दुनिया भर के लोगों में वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जागरुकता और जिम्मेदारी पैदा करने की कोशिश की जाती है.

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