इतिहास में आजः 22 जुलाई | ताना बाना | DW | 20.07.2013
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ताना बाना

इतिहास में आजः 22 जुलाई

2011 में आज ही के दिन नॉर्वे लहूलुहान हो गया था जब अचानक हुए दो हमलों में 77 लोगों की जान चली गई. पहला हमला आम लोगों और सरकार पर हुआ तो दूसरा वर्कर्स यूथ लीग के समर कैंप में.

आईईडी और गोलियां चला कर किए गए इन हमलों के लिए 32 साल के एक दक्षिणवादी चरमपंथी आंदर्स बेहरिंग ब्राइविक को गिरफ्तार किआ गया. अदालत में सुनवाई के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल किया. हालांकि इस ङरकत के लिए उसने कोई अफसोस नहीं जताया.

नोबेल पुरस्कारों के लिए विख्यात यह देश दुनिया भर में शांति का प्रतीक माना जाता है. इस घटना ने ना सिर्फ नार्वे बल्कि पूरी दुनिया को हतप्रभ कर दिया. मुंबई पर हुए आतंकी हमलों की बरसी जैसे भारत की संवेदनाओं को हिला कर रख देती है कुछ वैसा ही नॉर्वे भी इस दिन महसूस करता है.

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