इतिहास में आजः 1 फरवरी | ताना बाना | DW | 31.01.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

इतिहास में आजः 1 फरवरी

उनकी कहानी कल्पनाओं जैसी ही है. भारत के गांव में पैदा होकर नासा में कदम रखना और फिर अंतरिक्ष का चक्कर लगाना. कल्पनालोक की कल्पना चावला आज के दिन अंतरिक्ष में विलीन हो गईं, लेकिन धरती पर लाखों कल्पनाएं छोड़ गईं.

16 दिन अंतरिक्ष में बिता कर एक फरवरी, 2003 को तीव्र गति से लौटता कोलंबिया यान धरती से सिर्फ 16 मिनट की दूरी पर था. तभी आसमान में बिजली कौंधी, धमाका हुआ, आग का शोला निकला और सब खत्म हो गया. अमेरिका, भारत और पूरी दुनिया स्तब्ध रह गई. भारतीय मूल की अमेरिकी कल्पना चावला सहित सात अंतरिक्ष यात्री सदा के लिए आकाश के हो गए.

फ्लोरिडा के अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन का झंडा आधा झुका दिया गया. आसमान से अंतरिक्ष यान का थोड़ा बहुत मलबा टेक्सास और लुईजियाना के आस पास गिरा. टूटी हुई कल्पनाएं किसी पार्क, किसी जंगल, किसी दफ्तर में बिखर गईं. नासा भावुक हो गया. न जाने कितनी कल्पनाओं को हकीकत में बदलने वाली संस्था ने अपनी उड़ानों के पर कतर दिए. शटल प्रोग्राम मैनेजर रॉन डिटेमोर ने रुंधे गले से एलान किया, "हम तब तक उड़ान नहीं भरेंगे, जब तक इस हादसे के बारे में समझ न आ जाए. हमने जरूर कोई गलती की होगी."

सात अंतरिक्ष यात्रियों में दो महिलाएं थीं, लॉरेल क्लार्क और कल्पना चावला. हरियाणा के करनाल में पैदा हुई चावला बच्चियों और महिलाओं के लिए मिसाल बनीं. भारत में पढ़ाई करने के बाद अमेरिकी एजेंसी में काम करने वाली चावला का यह दूसरा अंतरिक्ष दौरा था.

वॉशिंगटन पोस्ट ने अगले दिन हेडलाइन लगाई, "कोलंबिया खो गया." आसमान में हुए इस हादसे ने ज्यादातर अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की जान ली. लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स ने अगले दिन के संस्करण में चावला को खास तरजीह दी. उनके घर करनाल से एमी वाल्डमैन ने विशेष रिपोर्ट भेजी कि किस तरह "लड़कों की चाह रखने वाले इलाके में एक लड़की पर लोग नाज" किया करते थे. वाल्डमैन ने इस रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह लोग उसके स्कूल में जमा हुए थे कि "लैंडिंग का जश्न मनाएंगे लेकिन जब यान नष्ट हो गया, तो वहां सन्नाटा फैल गया."

रिपोर्ट की आखिरी पंक्ति कहती है, "कल्पना चावला मर नहीं सकती." अगर गौर से देखा जाए, तो लाखों बच्चियों में नई ऊर्जा और नई कल्पनाएं भरने वाली कल्पना चावला आस पास ही दिख जाएंगी.

DW.COM