इंडोनेशिया में मगरमच्छ रोकेंगे ड्रग तस्करी | दुनिया | DW | 11.11.2015
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

इंडोनेशिया में मगरमच्छ रोकेंगे ड्रग तस्करी

मादक द्रव्यों के कारोबार के लिए फांसी की सजा देने वाला इंडोनेशिया ड्रग तस्करों को डराने का नया तरीका खोज रहा है. एंटी ड्रग एजेंसी ने ड्रग मामलों के कैदियों के लिए मगरमच्छों की सुरक्षा वाली जेल का सुझाव दिया है.

इंडोनेशिया की एंटी नारकोटिक्स एजेंसी के प्रमुख बूडी वासेसो की योजना के अनुसार ड्रग माफिया के सरदारों को ड्रग लाने ले जाने वालों और नशे के लती लोगों से अलग रखने के लिए एक ऐसे द्वीप पर रखा जाएगा जिसके चारों ओर पानी में खूंखार मगरमच्छ हों. एजेंसी के प्रवक्ता सलामेत प्रीबाडी ने कहा, "मिस्टर बूडी का प्रस्ताव है कि यदि कानून ड्रग माफिया को रोकने में विफल रहता है तो अलग थलग द्वीप पर उनके लिए जेल बनाई जानी चाहिए जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मगरमच्छों पर होगी."

सलामेत का कहना है कि यदि कैदी भागने की कोशिश करते हैं तो मगरमच्छ उन्हें खा जाएंगे. अपने प्रस्ताव की गंभीरता पर जोर देने के लिए बूडी तीन प्रांतों का दौरा कर रहे हैं जहां वे खूंखार मगरमच्छों की तलाश कर रहे हैं. सलामेत ने कैदियों के अधिकारों पर संदेहों को अस्वीकार कर दिया. हल्के अंदाज में सलामेत ने कहा, "यदि मगरमच्छ उन्हें मारते हैं तो यह मानवाधिकारों का हनन नहीं होगा."

इंडोनेशिया ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त रवैया अपनाता है. उसका कहना है कि देश मादक द्रव्यों के मामले में इमरजेंसी की स्थिति झेल रहा है. इस साल इंडोनेशिया में अंतरराष्ट्रीय विरोध को नजरअंदाज कर 14 ड्रग तस्करों को फांसी की सजा दी जा चुकी है. 121 लोग फांसी दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं, जिनमें 35 विदेशी भी हैं. जेलों में अक्सर आसानी से ड्रग उपलब्ध होता है. वार्डन भी ड्रगों की सप्लाई करते हुए पाए गए हैं.

एमजे/आरआर (डीपीए)

DW.COM

संबंधित सामग्री

विज्ञापन