आर्थिक संकट के बीच दुनिया भर में सोने की मांग में उछाल | दुनिया | DW | 26.03.2020
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दुनिया

आर्थिक संकट के बीच दुनिया भर में सोने की मांग में उछाल

कोरोना वायरस से फैली महामारी के बीच इस समय सोने की मांग में भारी उछाल देखने को मिल रही है. मार्च में सर्राफा बाजारों में सोने के दाम सात साल में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे.

सोने में निवेशकों का हमेशा भरोसा रहता है और संकट के समय यह भरोसा और गहरा जाता है. कोरोना वायरस से फैली महामारी के बीच इस समय सोने की मांग में भारी उछाल देखने को मिल रही है. थोक व्यापारी और खुदरा ग्राहक दोनों ही सोना खरीदने की होड़ में लगे हैं. मार्च में कमोडिटी बाजारों में सोने के दाम सात साल में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे. यह तब हुआ जब व्यापारियों ने कोविड-19 और उसके हानिकारक आर्थिक असर से बचने के लिए सोने की शरण ली.

सोने के दाम इस वजह से भी ऊपर गए हैं क्योंकि निवेशक बढ़ती हुई महंगाई दर से भी बचने की कोशिश कर रहे हैं. कई केंद्रीय बैंकों ने वायरस के असर का मुकाबला करने के लिए वित्तीय सिस्टम में भारी मात्रा में पैसा डाला है. स्विस रिफाइनर एमकेएस पीएएमपी समूह की कंपनी गोल्ड एवेन्यू के मुखिया अलेस्सांद्रो सोलदाती का कहना है, "फोन ने बजना बंद ही नहीं किया है क्योंकि मांग में भारी उछाल आई है."

पिछले तीन सप्ताह में, जैसे जैसे नया कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला, गोल्ड एवेन्यू ने इतनी बिक्री कर ली जितनी पिछले साल की पूरी आखिरी तिमाही में नहीं हुई. ज्यादातर आर्डर ऑनलाइन दिए गए और गोल्ड एवेन्यू के प्रमुख उमर लीस का कहना है कि कंपनी के पास मांग में आई उछाल को पूरा करने के लिए हर प्रकार की व्यवस्था है. कुछ कंपनियों को बढ़ी हुई मांग पूरी करने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं. लेकिन मुख्य समस्या ढुलाई संबंधी है क्योंकि वायरस की वजह से दुनिया भर में उड़ानें रद्द हो रही हैं.

हालांकि ग्राहकों के पास अपने सोने के सिक्कों और बिस्किटों को तिजोरियों में सुरक्षित रखने का विकल्प भी है, क्योंकि ट्रेडिंग कंपनियां भंडारण के लिए अमूमन इस तरह की सुविधाएं देती हैं. अगर ग्राहकों को ठोस सोना ही चाहिए तो उन्हें कुछ दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है. कीमती धातु ऑनलाइन बेचने वाली अमेरिकी कंपनी जेएम बुलियन ने अपने ग्राहकों से कहा है कि बहुत सारे आर्डर होने की वजह से उन्हें 15 दिनों से भी ज्यादा देर के लिए तैयार रहना चाहिए.

लंदन के सोना-चांदी के बाजार में सोने के दाम पहले ही ऊपर जा चुके थे और 9 मार्च को दाम 1703.39 डॉलर प्रति आउंस था. तब से दाम थोड़े गिरे हैं लेकिन अभी भी 1600 डॉलर के ऊंचे स्तर पर ही हैं. इससे खुदरा दामों में भी तेजी आई है और मांग के कम होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बाजार में सोने की कोई कमी नहीं है, लेकिन स्थिति पेचीदा होती जा रही है. स्विट्जरलैंड में, सोने की रिफाइनिंग की बड़ी कंपनियां जैसे पीएमपी, वैलकम्बी और आर्गर-हेरौस ने सरकार के अनुरोध पर अस्थायी रूप से अपनी अपनी गतिविधियां बंद कर दी हैं.

अफ्रीका में सबसे ज्यादा सोने की वस्तुएं बनाने वाले देश दक्षिण अफ्रीका ने तीन सप्ताह की तालाबंदी लागू कर दी है. ब्रिटेन में स्थित विश्व गोल्ड काउंसिल ने कोरोना वायरस के दीर्घकालिक असर के बारे में निराशाजनक चेतावनी दी. काउंसिल के मुख्य कार्यकारी डेविड टेट ने कहा, "हम एकअभूतपूर्व संकट से गुजर  रहे हैं. मैंने वित्तीय बाजारों के केंद्र में 30 साल से भी ज्यादा काम किया है लेकिन ऐसा संकट आज तक नहीं देखा. ज्यादातर चीजों की तरह, सोने पर भी इसका असर पड़ा है. लेकिन सोना आज भी प्रासंगिक है और आने वाले वर्षों में यह निवेशकों के पोर्टफोलियो में और भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा."

सीके/एमजे (एएफपी)

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