आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान | दुनिया | DW | 23.10.2015
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दुनिया

आतंकी गुटों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने परमाणु शक्ति संपन्न देशों पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तानी पीएम से परमाणु हथियारों को और ना बढ़ाने की अपील की, जिस पर कोई भी सीमा मानने से पाकिस्तान ने किया इंकार.

दो शक्तिशाली दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे संबंधों पर अमेरिका ने चिंता जताई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने अमेरिकी दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से उनके परमाणु कार्यक्रम और खास तौर पर छोटे टैक्टाइल परमाणु हथियारों की संख्या सीमित करने की बात कही. ओबामा शरीफ से एकतरफा "अंकुश" चाहते थे. परमाणु हथियारों पर किसी तरह का अंकुश स्वीकार ना करते हुए शरीफ ने इसे भविष्य में भारत को आक्रमण करने से रोकने के लिए जरूरी रणनीति बताया.

शरीफ के अमेरिका दौरे पर आठ एफ-16 लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान को बेचने के सौदे पर हस्ताक्षर हुए. इस सौदे को लेकर कई ओर से लोगों ने अपनी चिंताएं सोशल मीडिया पर जाहिर कीं.

अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को मदद देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. शरीफ ने काबुल के नेताओं से साथ पिछले साल जुलाई से बंद पड़ी सीधी बातचीत को फिर से शुरु करने की हामी भरी. वार्ता तब बंद हुई थी जब अफगान जासूसी एजेंसियों ने कहा था कि तालिबान नेता मुल्ला ओमर दो साल पहले ही मर चुका था. दोनों पक्षों की वार्ता से ही अमेरिका अफगानिस्तान में स्थायित्व लाने और वहां से अमेरिकी सेना को हटाने का रास्ता तय करना चाहता है.

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