आईएस की सेक्स गुलाम रही लड़कियों के जख्म भर पाएगा संगीत? | दुनिया | DW | 05.02.2020

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दुनिया

आईएस की सेक्स गुलाम रही लड़कियों के जख्म भर पाएगा संगीत?

राइनास इलियास 14 साल की थी जब आईएस के चरमपंथियों ने उसके गांव पर हमला किया और उसे अगवा कर ले गए. फिर उसे एक आईएस लड़ाके को बेचा गया. उसने राइनास का बार बार बलात्कार और शोषण के बाद एक और दरिंदे को उसे बेच दिया.

राइनास यजीदी समुदाय से संबंध रखती है जिसे उत्तरी इराक में उसके गांव से अगवा किया गया था. आईएस की कैद से छूटने के दो साल बाद राइनास ब्रिटेन के दौरे पर है. वह एक ऐसे म्यूजिकल ग्रुप यानि कॉयर का हिस्सा है जिसे आईएस चरमपंथियों के जुल्म और सितम झेल चुकी लड़कियों ने बनाया है. 

इस म्यूजिकल ग्रुप में 15 से 22 साल तक की लड़कियां हैं. वे कहती हैं कि यह कॉयर उन्हें दोस्त बनाने के साथ साथ उन दर्दनाक लम्हों से पीछा छुड़ाने में मदद करता है जो उन्होंने आईएस की कैद में रह कर झेला. इलियास कहती हैं, "मुझे इन लोगों के साथ रहना अच्छा लगता है. मानसिक रूप से बहुत मदद मिलती है." अब ये लोग ब्रिटेन में कई जगहों पर परफॉर्म कर रहे हैं.

इराक में यजीदी समुदाय के लगभग चार लाख लोग रहते हैं. यह ऐसा कुर्द अल्पसंख्यक समुदाय है जिसके धर्म में ईसाइयत, पारसी और इस्लाम, तीनों धर्मों की कुछ कुछ बातें शामिल हैं. आईएस इस समुदाय को मूर्तिपूजक मानता है और उसके लड़ाकों ने हजारों यजीदियों का कत्ल और अपहरण किया.

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2014 में आईएस के लड़ाकों ने माउंट सिंजार की पहाड़ियों पर रहने वाले यजीदियों पर हमला किया, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने नरसंहार बताया. हालांकि अब आईएस के लड़ाकों को हराया जा चुका है, लेकिन ज्यादातर यजीदी अब भी कैंपों में जिंदगी गुजार रह रहे हैं. वे अपने गावों में जाने से डरते हैं.

संगीत यजीदी समुदाय के धर्म और संस्कृति का हिस्सा रहा है लेकिन इसे ना तो लिखा गया है और ना ही रिकॉर्ड किया गया है. ब्रिटिश संगीतकार माइकल बॉकमन अब यजीदी संगीतकारों के साथ मिल कर इस प्राचीन संगीत को रिकॉर्ड कर रहे हैं. इस संगीत को ना सिर्फ संरक्षित किया जा रहा है बल्कि नए लोगों को सिखाया भी जा रहा है.

आईएस की कैद में रहने वाली लड़कियों के लिए संगीत जख्मों पर मरहम का काम कर रहा है. हालांकि यह बहुत मुश्किल है. तीन साल तक आईएस की कैद में रहने वाली एक लड़की बताती है, "मुझे नहीं पता कि मैं कभी अपने उस अनुभव से उबर भी पाऊंगी या नहीं."

ऐसी ही कहानी राइनास की है जिसे अपहरण के बाद सीरिया ले जाया गया और तीन अलग अलग पुरूषों को बेचा गया. इसमें से दूसरा आदमी एक सऊदी नागरिक था. जब वह मारा गया गया तो राइनास गर्भवती थी. इसके बाद राइनास को उसके बच्चे के साथ एक मोरक्कन व्यक्ति को बेचा गया, जिसने "एक दरिंदे की तरह" उसका बलात्कार किया. कभी कभी तो वह दिन में छह बार राइनास का बलात्कार करता था.

राइनास इस दौरान दो बार गर्भवती हुई, लेकिन दोनों ही बार उसका गर्भपात हो गया. उसकी एक वजह उत्पीड़न भी था जिसका शिकार उसे रोज बनना पड़ता था. राइनास के परिवार ने 2017 में 12 हजार डॉलर देकर उसकी रिहाई कराई लेकिन राइनास की बेटी को आईएस लड़ाकों ने अपने पास ही रख लिया. वह कहती है, "मैंने बहुत दुख झेले हैं. मैं उम्मीद करती हूं कि विश्व समुदाय हमारी मदद करे और उन लोगों को पकड़कर जेल में डाला जाए."

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राइनास की बहन और दो भाई उन हजारों यजीदियों में शामिल हैं जो अब तक लापता हैं. कॉयर में शामिल कुछ लड़कियां तो राइनास से भी छोटी थीं जब उन्हें अगवा किया गया. इनमें एक लड़की को 11 साल की उम्र में अगवा किया गया और पांच बार बेचा गया गया था. एक अन्य लड़की की उम्र अपहरण के समय नौ साल थी. उससे नौकरानी का काम लिया गया.

अब राइनास 19 साल की हो गई है. उसका कहना है कि जो लोग अब भी आईएस लड़ाकों की कैद में हैं, उन्हें रिहा कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय कदम उठाए और इस बात को सुनिश्चित किया जाए कि फिर कभी यजीदी लोगों का इस तरह उत्पीड़न और शोषण ना हो. राइनास का कॉयर ब्रिटेन में अलग अलग जगहों पर अपनी परफॉर्मेंस के जरिए राजनेताओं और धार्मिक नेताओं को यही संदेश देने की कोशिश कर रहा है.

आईएस को अब हराया जा चुका है, लेकिन यजीदियों का कहना है कि चरमपंथी कभी भी दोबारा सिर उठा सकते हैं. राइनास कहती है, "खतरा टला नहीं है. हमारी सुरक्षा तभी हो सकती है जब विश्व समुदाय हमें बचाने का संकल्प ले." वह कहती है, "जो मैंने अनुभव किया, वो बलात्कार, वो उत्पीड़न, उसे मैं कभी नहीं भूल सकती. बेशक मैं अब भी डरी हुई हूं."

एके/एमजे (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

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