आईएमएफ उम्मीदवार मेक्सिको के कार्सटेन्स नई दिल्ली में | दुनिया | DW | 10.06.2011
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दुनिया

आईएमएफ उम्मीदवार मेक्सिको के कार्सटेन्स नई दिल्ली में

मेक्सिको के आगुस्टीन कार्सटेन्स आज भारत के दौरे पर पहुंच रहे हैं जहां वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख बनने के लिए भारत का समर्थन मांगेंगे. इससे पहले फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टीने लागार्ड भारत गई थीं.

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मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के गवर्नर कार्सटेन्स ने अपने को विकासशील देशों का उम्मीदवार बताते हुए कहा है कि उनकी उम्मीदवारी ऐसी है "जिसकी वकालत विकासशील देशों ने की है और जिसके लिए हमें काम करते रहना होगा." कार्सटेन्स फ्रांसीसी दावेदार लागार्ड की तरह ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करेंगे.

कार्सटेन्स को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के प्रमुख के पद के लिए लागार्ड के मुकाबले कमजोर उम्मीदवार माना जा रहा है. अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच एक अलिखित समझौते के तहत 1945 में गठन के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का नेतृत्व यूरोपीय व्यक्ति को दिया जाता है जबकि वर्ल्ड बैंक का प्रमुख अमेरिकी को बनाया जाता है. मुद्रा कोष का पद फ्रांस के ही डोमिनिक स्ट्रॉस कान के इस्तीफे के बाद खाली हुआ है जो एक सेक्स स्कैंडल के चलते अमेरिका में नजरबंद हैं.

Flash-Galerie IMF Agustin Carstens

आगुस्टीन कार्सटेन्स

भारत ने अब तक किसी उम्मीदवार का समर्थन करने से मना कर दिया है लेकिन इस बात पर जोर दिया है कि वाशिंगटन स्थित मुद्रा कोष के नेता का चुनाव राष्ट्रीयता के आधार पर नहीं बल्किन योग्यता के आधार पर होना चाहिए.

चीन ने भी कहा है कि चुनाव योग्यता के आधार पर होना चाहिए और उसमें उभरते बाजारों और विश्व अर्थव्यवस्था में परिवर्तन का बेहतर प्रतिनिधित्व होना चाहिए. लागार्ड ने चीन में बातचीत के बाद कहा है कि बातचीत के बाद उन्होंने बहुत सकारात्मक महसूस किया और वे मुद्रा कोष में टॉप जॉव के लिए चीन के अधिकार का समर्थन करती हैं. कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि चीन विश्व संस्था में दूसरे नंबर का पद पाने के लिए अमेरिका और यूरोपीय देशों से समझौता कर सकता है.

आज मुद्रा कोष के प्रमुख पद के लिए नामांकन की अंतिम तारीख है. 30 जून तक नए नेता का चुनाव हो जाएगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ओ सिंह

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