अवैध हथियारों की खबर देने पर पत्रकार गिरफ्तार | दुनिया | DW | 27.11.2015
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दुनिया

अवैध हथियारों की खबर देने पर पत्रकार गिरफ्तार

फ्रांस आईएस विरोधी गठबंधन बनाने की कोशिश में है तो तुर्की ने सरकार विरोधी दो पत्रकारों को जासूसी का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया है. उनका कसूर यह है कि उन्होंने सरकार को मुश्किल में डालने वाली रिपोर्ट छापी.

सरकार का विरोध करने वाले अखबार जम्हूरियत के मुख्य संपादक जान दुंदर और अंकारा में अखबार के ब्यूरो प्रमुख एर्देम गुल पर जासूसी और सरकारी गोपनीयता को फैलाने का आरोप लगाया गया है. यह अखबार राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एरदोवान की अनुदारवादी इस्लामी सरकार की नीतियों का विरोध करता है.

एरदोवान ने मई में खुद जम्हूरियत अखबार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी क्योंकि उसने सीरिया में इस्लामिक स्टेट के छापामारों के लिए भेजे जा रहे कथित तौर पर तुर्क खुफिया एजेंसी एमआईटी की हथियारों की खेप की जांच पड़ताल की तस्वीर प्रकाशित की थी. अधिकारियों ने इस मामले पर खबर देने पर रोक लगा दी थी और मामले की जांच शुरू की गई थी. उस समय आलोचकों ने तुर्की की सरकार पर जिहादियों के खिलाफ सख्ती न करने और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ उनकी हथियारों से मदद करने का आरोप लगाया था.

इस रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद अक्टूबर में जम्हूरियत के इस्तांबुल और अंकारा दफ्तरों पर छापे मारे गए. एरदोवान ने अखबार में छपी रिपोर्ट को ठुकरा दिया और धमकी दी कि दुंदर को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी. अखबार के मुख्य संपादक ने अब इस्तांबुल में मुकदमा शुरू होने पर अदालती कार्रवाई को अपने और अपने सहकर्मी के लिए सम्मान पदक बताया है. पिछले हफ्ते पत्रकार संगठन रिपोर्टर विदाउट बोर्डर्स ने जम्हूरियत को साल के समाचार माध्यम पुरस्कार से सम्मानित किया था. संगठन ने कहा कि दुंदर और गुल पर राजनीतिक कारणों से मुकदमा चलाया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संगठन ने मुकदमे को स्वतंत्र पत्रकारिता का गला घोटने की तुर्की की सरकार की कोशिश का सबूत बताया.

दोनों पत्रकारों को गुरुवार को अदालत में बयान देने के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया. विपक्षी नेता कमाल किलिचदारोग्लू ने ट्वीट किया कि यदि अपराध करने वाले के बदले खबर देने वाले को गिरफ्तार कर लिया जाए तो किसी को नहीं कहना चाहिए कि तुर्की में प्रेस आजाद है और न्यायपालिका स्वतंत्र है.

अंकारा की इस्लामी सरकार पर प्रेस को दबाने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, लेकिन विरोधी पत्रकारों की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब यूरोपीय संघ और तुर्की की शिखर भेंट होने वाली है. मामला तुर्की की सरकार द्वारा सीरिया में उग्रपंथियों को हथियारों की आपूर्ति का है. इसी हफ्ते तुर्की की वायुसेना ने सीरिया में रूस के एक बमवर्षक को मार गिराया, जहां वह तुर्कमेन विद्रोहियों का समर्थन करता है. तुर्की की सरकार ने पत्रकारों पर आतंकवादी संगठन का सदस्य होने और जासूसी का आरोप लगाया है.

इन गिरफ्तारियों के बाद यूरोपीय संघ के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी जो तुर्की के साथ रविवार को होने वाली शिखर भेंट में शरणार्थी मुद्दे पर सहयोग की एक योजना तय करेगा. इसके बदले तुर्की को यूरोपीय संघ में सदस्यता प्रक्रिया को तेज करने का भरोसा दिया गया है. तुर्की के यूरोप मंत्री वोल्कान बोजकीर ने कहा है कि दिसंबर के मध्य तक अर्थव्यवस्था और वित्तीय मामलों पर बातचीत शुरू हो जाएगी.

एमजे/एसएफ (डीपीए, एएफपी)

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