1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

अर्जुन सिंह बोले, राजीव नहीं राव जिम्मेदार

१२ अगस्त २०१०

भोपाल गैस कांड के मुद्दे पर बुधवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ. एक तरफ अर्जुन सिंह ने अपनी लंबी चुप्पी तोड़ कर राजीव गांधी को क्लीन चिट दी तो गृह मंत्री चिदंबरम ने सीबीआई का बचाव किया.

https://p.dw.com/p/Oixr
अर्जुन सिंह ने चुप्पी तोड़ीतस्वीर: AP

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि भोपाल गैस कांड के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन के खिलाफ आरोपों को कमजोर नहीं किया गया. उन्होंने सीबीआई की इस बात के लिए पीठ थपथपाई कि जांच एजेंसी गंभीर आरोपों में एंडरसन के प्रत्यर्पण की अपनी बात पर टिकी रही, जबकि तत्कालीन अटॉर्नी जनरल इससे सहमत नहीं थे.

लोकसभा में बहस के दौरान चिदंबरम ने कहा, "जिस सीबीआई की आप लोग आलोचना करते हैं, वह धारा 304 के गंभीर आरोपों में एंडरसन के प्रत्यर्पण की बात पर टिकी रही, जबकि केस धारा 304 ए के तहत दर्ज किया गया." हालांकि चिदंबरम ने कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह बयान पढ़ लेने के बाद ही इस पर टिप्पणी करेंगे.

Flash - Galerie Indien Union Carbide Fabrik in Bhopal
भोपाल गैस कांड पर जारी है राजनीतितस्वीर: AP

अर्जुन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि एंडरसन को सुरक्षित निकलने देने के लिए तब के गृह मंत्री पी वी नरसिम्हाराव जिम्मेदार थे. भोपाल गैस कांड में निचली अदालत का फैसला आने के बाद तब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह ने पहली बार इस बारे में कोई बयान दिया है. उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का बचाव करते हुए कहा, "राजीव ने इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा. ना वह एंडरसन के समर्थन में कभी कुछ बोले, न ही उसकी मुश्किलें कम करने के लिए कभी कुछ कहा."

लोकसभा में वाम दलों ने अर्जुन सिंह के इस बयान पर गृह मंत्री से टिप्पणी मांगी. गृह मंत्री के टाल जाने के बाद वाम दल सदन से वॉक आउट कर गए. बुधवार को भोपाल गैस कांड के मामले पर दोनों सदनों में जमकर बहस हुई. इस बहस के दौरान केंद्र सरकार ने यह भी साफ किया कि पीड़ितों को ज्यादा मुआवजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी.

विपक्षी दलों का आरोप है कि 25 साल पहले घटे इस दर्दनाक हादसे के पीड़ितों को सरकार ने बहुत कम मुआवजा दिया है. भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने मांग की कि भारत सरकार को अमेरिका में दाखिल की गई उस अपील का हिस्सा बनना चाहिए जिसमें यूनियन कार्बाइड की संपत्ति की नई मालिक कंपनी डाउ केमिकल्स से मुआवजे की मांग की गई है.

Indien Bhopalunglück
पीड़ितों को मिला बहुत कम मुआवजातस्वीर: AP

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आरोप लगाया कि यूनियन कार्बाइड सिर्फ 615 करोड़ रुपये में पूरे मामले से छुटकारा पा गई. इस मामले में हाल ही में अमेरिका में हुए तेल रिसाव का भी जिक्र किया गया जिसमें अमेरिका ने ब्रिटिश पेट्रोलियम से 90 हजार करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में हासिल किया है.

सरकार की तरफ से बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने साफ किया कि मुआवजे की समीक्षा के लिए एक अपील सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जा रही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार