अमेरिकी दूत को टाल कर चीनी दूत से मुलाकात | दुनिया | DW | 29.08.2017
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दुनिया

अमेरिकी दूत को टाल कर चीनी दूत से मुलाकात

पाकिस्तान ने अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा टाल दिया है इतना ही नहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इसी बीच अफगान मामलों पर चीन के विशेष दूत से मुलाकात की है.

अमेरिका से अफगानिस्तान पर लताड़ मिलने के बाद पाकिस्तान के रवैये में अमेरिका को लेकर बेरुखी का अहसास हो रहा है. पाकिस्तान ने अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा टाल दिया है इतना ही नहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इसी बीच अफगान मामलों पर चीन के विशेष दूत से मुलाकात की है. 

अमेरिका पाकिस्तान के चीन के करीब जाने से परेशान है या फिर अमेरिका की बेरुखी के कारण पाकिस्तान चीन की ओर जा रहा है, ये साफ साफ कहना अभी मुश्किल हो सकता है लेकिन विश्लेषकों के कयास के लिये पर्याप्त कारण मौजूद हैं. पाकिस्तान ने अमेरिका से लताड़ मिलने के एक हफ्ते बाद ही अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स का दौरा टाल दिया है. दूसरी तरफ सोमवार को पाकिस्तान के विेदेश मंत्री ने अफगान मामलों पर चीन के विशेष दूत से मुलाकात की है.

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि चीनी दूत से मुलाकात में दोनों पक्षों ने, "अफगानिस्तान में दीर्घकालीन शांति और स्थिरता के प्रयासों" पर बातचीत हुई. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "चीन के विशेष दूत ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में पाकिस्तान के योगदान और उसके बलिदान की सराहना की...उन्होंने कहा कि आतंकवाद की समस्या को खत्म करने में पाकिस्तान की कोशिशों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरी तरह स्वीकार करना चाहिए."

अमेरिका ने पाकिस्तान पर उन आतंकवादी गुटों को पनाह देने का आरोप लगाया है जिनके खिलाफ अफगानिस्तान और अमेरिका जंग लड़ रहे हैं. चीन के विशेष दूत का दौरा होने के दौरान ही अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री का दौरा टाले जाने की खबर आयी है. खबरों में कहा जा राह है कि अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स पाकिस्तान में डॉनल्ड ट्रंप की नयी अफगान नीति पर चर्चा करने वाली थीं. 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार के अनुरोध पर, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय तक के स्थगित कर दिया गया है.

अफगानिस्तान पर अमेरिकी नीति को संबोधित करते हुये अपने भाषण में राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुये इसे अराजकता फैलाने वाले एजेंटों को सुरक्षित आवास देने वाला बताया था और कहा था कि रिश्तों को जल्द ही संतुलित किया जायेगा.

अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान पर तालिबान के साथ संबंध बनाये रखने और जिहादियों को आश्रय देने की आलोचना करता रहा है. ट्रंप के इस बयान के बाद विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने पाक को चेतावनी देते हुये कहा था कि वह अमेरिका के मुख्य सहयोगी होने का दर्जा खो सकता है.

पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने ट्रंप के भाषण के बाद दी गई अपनी टिप्पणी में अमेरिका से वित्तीय मदद की बजाय विश्वास बनाये रखने की बात कही है. हालांकि इस्लामाबाद आतंकवाद पर नरम होने के दावों को बार-बार खारिज करता आया है.

एए/एनआर (रॉयटर्स, एएफपी)

 

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