अमेरिकियों को भरोसा नहीं सेल्फ ड्राइविंग कारों पर | विज्ञान | DW | 02.04.2019
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विज्ञान

अमेरिकियों को भरोसा नहीं सेल्फ ड्राइविंग कारों पर

जर्मनी जहां पहली बार एक शहर में सेल्फ ड्राइविंग पब्लिक ट्रांसपोर्ट टेस्ट करने जा रहा है, बहुमत अमेरिकियों को अभी भी स्वचालित गाड़ियों पर भरोसा नहीं है. यह बात रॉयटर्स इपसोस के सर्वे में सामने आई है.

सर्वे के अनुसार अमेरिका के आधे बालिग लोगों का मानना है कि ऑटोमैटिक गाड़ियां परंपरागत गाड़ियों के मुकाबले ज्यादा खतरनाक हैं. करीब दो तिहाई लोगों ने कहा है कि वे बिना ड्राइवर के चलने वाली ऑटोनोमस गाड़ियां नहीं खरीदेंगे. इसी सर्वे में करीब 63 फीसदी ने कहा कि वे अपनी कारों में सेल्फ ड्राइविंग फीचर के लिए ज्यादा कीमत नहीं चुकाएंगे. जबकि करीब 41 प्रतिशत इसके लिए 2000 डॉलर तक खर्च करने को तैयार हैं. रॉयटर्स ने इस सर्वे के लिए अमेरिका में 2200 लोगों का ऑनलाइन इंटरव्यू किया.

इस सर्वे से उन चुनौतियों के बारे में पता चलता है जो कार और ट्रक निर्माताओं के अलावा डिलीवरी, टेक्नोलॉजी और उबर जैसी ट्रांसपोर्ट सर्विस कंपनियों के सामने हैं. ये सारी कंपनियां सेल्फ ड्राइविंग कार और उससे जुड़े हार्डवेयर बनाने में भारी निवेश कर रही हैं. तकनीक के डेवलपर प्रगति की राह पर हैं लेकिन यह सर्वे दिखाता है कि लोगों का भरोसा जीतने और सेल्फ ड्राइविंग कारों के लिए बाजार बनाने में उद्योग अभी तक कामयाब नहीं हुआ है.

सर्वे के ताजा नतीजे भी पिछले साल रॉयटर्स और इपसोस द्वारा कराए गए सर्वे जैसे ही हैं. मार्च 2018 में स्ल्फ ड्राइविंग मोड में चल रही उबर की एक कार का एरीजोना में एक्सीडेंट हो गया था और एक व्यक्ति की जान चली गई थी. इसके अलावा अबतक बहुत ही कम अमेरिकी निवासी सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियों पर सवार हुए हैं, इसलिए अनजान तकनीक का डर बना हुआ है. डेट्रॉयट मोबिलिटी लैब के क्रिस थॉमस का कहना है, "लोग उन चीजों के साथ आराम महसूस करते हैं जिन्हें वे जानते हैं."

ऑटोनोमस गाड़ियों में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए लोगों का अविश्वास और अधिक पैसा खर्च करने में झिझक उद्योग की फौरी समस्या है. पूरी तरह से सेल्फ ड्राइविंग कारों की बड़े पैमाने पर तैनाती में अभी कुछ साल लगेंगे. हालांकि कंपनियां इस ओर ध्यान दे रही हैं. अल्फावेट कंपनी की वायमो यूनिट ने एरीजोना में ग्राहकों के लिए कुछ सेल्फ ड्राइविंग वैन तैनात किए हैं जबकि कुछ दूसरी कंपनियां सड़कों पर उसका टेस्ट कर रही हैं.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में ट्रांसपोर्टेशन स्टडीज संस्थान के डायरेक्टर डैन स्पेरलिंग कहते हैं, "इस समय तो उनकी प्रतिक्रिया जीरो ज्ञान और जीरो अनुभव पर आधारित है." ऑटोनोमस गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां पिछले दो साल से कोशिश कर रही हैं कि अमेरिकी संसद कानून बनाए ताकि सेल्फ ड्राइविंग कारों को कानूनन हरी बत्ती मिल सके. इसे परंपरागत कारों वाले सुरक्षा मापदंडों से मुक्त करने की मांग है लेकिन सर्वे में भाग लेने वाले दो तिहाई लोगों का कहना है कि इसके लिए कड़े सुरक्षा मानक होने चाहिए.

नॉरफोल्क की 62 वर्षीया शिक्षक कार्ला रॉस का कहना है, "किसी को जिम्मेदार बनाए जाने की जरूरत है. जबतक ये कारें सुरक्षा का खास प्रतिशत गारंटी नहीं करती, उन्हें सड़क पर नहीं जाने दिया जाना चाहिए." और सर्वे का ये नतीजा कि लोग ज्यादा पैसे देने को तैयार नहीं हैं, तकनीक के ऊंचे खर्च की ओर भी ध्यान दिलाता है. निवेशक इवांगेलोस सिमुदिस कहते हैं, "मेरी चिंता है कि हमें सही तकनीक मिल भी जाए फिर भी हमें कारोबार नहीं मिलेगा." सेल्फ ड्राइविंग एक्सपर्ट ब्राएंट वॉकर का कहना है कि कई कंपनियां इन कारों को बेचना नहीं चाहतीं, उन्हें किराए पर देना चाहती हैं. वे कहते हैं कि 2000 डॉलर बहुत से अमेरिकियों के लिए बहुत ज्यादा रकम है.

एमजे/आईबी (रॉयटर्स)

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