अब बोईंग, एयरबस ने किया कार्बन टैक्स का विरोध | दुनिया | DW | 23.03.2012
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दुनिया

अब बोईंग, एयरबस ने किया कार्बन टैक्स का विरोध

यूरोपीय संघ के एयर लाइन कार्बन एमिशन टैक्स का अब बोईंग विमान कंपनी ने भी विरोध किया है, इससे पहले एयर बस ने भी उत्सर्जन शुल्क का विरोध किया था. भारत, चीन, अमेरिका और रूस सहित दो दर्जन देश भी अपना विरोध जता चुके हैं.

बोईंग 737मैक्स

बोईंग 737मैक्स

बोईंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिम आल्बो ने यूरोपीय संघ की एमिशन ट्रेडिंग स्कीम का विरोध किया है. "यह बोईंग या एयर बस की बात नहीं है. बात यह है कि हमारे ग्राहकों के लिए क्या अच्छा है और कैसे पूरा उद्योग जहरीले गैसों के उत्सर्जन को कम कर सकता है. मुझे नहीं लगता कि यूरोप का ईटीएस अच्छा विचार है." उन्होंने कहा कि इसे यहीं रोक देने की जरूरत है और संयुक्त राष्ट्र की विमानन एजेंसी आईसीएओ के साथ मिल कर अंतरराष्ट्रीय नियम बनाने की जरूरत है जिस पर सभी हस्ताक्षर कर सकें.

आल्बो जेनेवा में विमानन उद्योग की एक बैठक में बोल रहे थे. उन्होंने सरकारों से अपील की है कि वैश्विक समझौते के लिए वे हवाई जहाज के जहरीले उत्सर्जन वाले मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र का इस्तेमाल करें. चीन, भारत, रूस और अमेरिका यूरोपीय संघ की इस स्कीम पर पहले ही अपनी नाराजगी जता चुके हैं. जबकि ईयू का कहना है कि वायु प्रदूषण पर सालों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय निष्क्रियता के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है.

एयर बस सहित अन्य कंपनियों ने यूरोपीय नेताओं से अपील की थी कि वह इस स्कीम को स्थगित कर दें. एयरबस ने कहा कि इस स्कीम पर विवाद के चलते चीन की सरकार ने कई दर्जन एयरबस का ऑर्डर रोक दिया है. इससे कंपनी की नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है. एयरबस के प्रमुख टॉम एंडर्स ने कहा है कि चीन के 14 अरब के ऑर्डर को रोके जाने से 2000 नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं.

आमतौर पर एयर बस और बोईंग एक दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं. लेकिन कार्बन टैक्स के मुद्दे पर बोईंग के अधिकारी आल्बो के साथ एयर बस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम एन्डर्स ने भी जेनेवा कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिक्री में देर होने से वह बिलकुल खुश नहीं हैं. साथ ही उन्होंने ईयू से इस स्कीम को फ्रीज करने या टालने की अपील करते हुए एक व्यापक स्कीम बनाने की अपील की. उन्होंने कहा, "आईसीएओ को वैश्विक हल निकालने के लिए आप समय दीजिए. अभी इस स्कीम को रोक दीजिए. व्यापार युद्ध के रास्ते पर मत जाईए."

यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र विमानन संगठन कोई योजना पेश नहीं करती है तो ईयू कार्बन टैक्स लेने की अपनी योजना पर टिका रहेगा. एयरबस और बोईंग दोनों ही कंपनियां कट्टर प्रतिस्पर्धा में होने के बावजूद कार्बन उत्सर्जन के मसले पर साथ हैं. उन्होंने ब्राजील के साथ बायो ईंधन पर काम करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं.

कोई लाभ नहीं

आल्बो ने कहा कि चीन और एयर बस के विवाद में उसे कोई फायदा नहीं हुआ है. लेकिन कंपनी चीन को 737 मैक्स और 777, 747 बोईंग के कुछ मॉडल बेचने वाली है. उन्होंने कहा कि विमानन उद्योग ने पिछले 40 साल में कार्बन उत्सर्जन में 70 फीसदी की कमी की है, जबकि कंस्ट्रक्शन और सीमेंट उद्योग ने उतना काम नहीं किया है.

बोईंग प्रमुख आल्बो ने यूरोपीय संघ की इस सलाह को भी ठुकरा दिया है कि कंपनी एयर बस के साथ मिल कर विश्व व्यापार संगठन में आठ साल पुराने विमान सबसिडी मामले पर सुलह करवाए. "मुझे नहीं पता कि हम मध्यस्थता करवाने में रुचि रखते हैं या नहीं, लेकिन यह जरूर चाहते हैं कि सभी पार्टियां एक ही डबल्यूटीओ नियमों का पालन करे." डबल्यूटीओ का कहना है कि एयर बस और बोईंग दोनों ही कंपनियों को अरबों डॉलर की सबसिडी मिली. संभव है कि शुक्रवार को डबल्यूटीओ कहे कि बोईंग को नासा से अनुचित फायदा मिला.

रिपोर्टः रॉयटर्स/आभा एम

संपादनः महेश झा

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