अब फोन हो तो मोहब्बत मिल ही जाएगी! | दुनिया | DW | 09.11.2018
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दुनिया

अब फोन हो तो मोहब्बत मिल ही जाएगी!

लोग असली और सच्ची मोहब्बत पाने के लिए क्या-क्या जतन नहीं करते, अब उनकी मुश्किलों आसान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ गया है. यह मददगार सभी मुश्किलों को दरकिनार कर आपको मोहब्बत की मंजिल तक पहुंचा सकता है.

अच्छे पार्टनर की तलाश करने वालों को अब तस्वीरें देखना, फेसबुक पर प्रोफाइलों को निहारने की जरूरत नहीं. बाजार में कुछ ऐसी डेटिंग ऐप दस्तक दे रही हैं जो आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आपकी मोहब्बत की राह को आसान कर देंगी. ये डेटिंग ऐप ना केवल आपको ये बताएगी कि पहली मुलाकात में क्या बात करनी हैं बल्कि ये आपके लिए ऐसे साथी भी खोजेंगी जो आपके पसंदीदा सेलेब्रिटी जैसे दिखते हों.

बाजार में टिंडर जैसी स्मार्टफोन ऐप पहले से ही है जो डेटिंग के लिए उपलब्ध लोगों की जानकारी आपको देते हैं, पर ऐसी ऐप में आपको साथी ढूंढने के लिए बहुत मशक्कत करनी होती है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ऐप आपके लिए ना केवल आपकी मुलाकात की तैयारियां करेगी बल्कि यह सफर के शुरुआत से ही आपके साथ एक डेटिंग कोच की तरह काम करेंगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का एक ऐसा विज्ञान है जिसमें कंप्यूटर को इंसानी मस्तिष्क की तरह सोचने और फैसले लेने के लिए प्रोग्राम किया जाता है.

ऑनलाइन डेटिंग की शुरुआत करने वाली ऐप ईहारमनी ने घोषणा की है कि वह एआई तकनीक से लैस ऐसा फीचर ला रही है जो यूजर्स को चैटिंग के बाद मिलने का भी सुझाव देगा. कंपनी के सीईओ ग्रांट लांगस्टन कहते हैं, "डेटिंग ऐप पर काफी सारी गतिविधियां होती हैं, लेकिन असल में कई लोगों को ये नहीं पता कि पूछना कैसे हैं, बात कैसे करनी है? ये देखकर हैरानी होती है कि कितने सारे लोगों को मदद की जरूरत है. हमें लगता है कि हम इस प्रक्रिया को ऑटोमेट कर सकते हैं."

ब्रिटिश डेटिंग ऐप लवफ्ल्यूटर की एआई का इस्तेमाल यूजर्स की चैट को देखकर उनके आपसी तालमेल को समझने की तैयारी में है. इसके बाद उन्हें मुलाकात के बारे में सुझाव दिया जाएगा. फिलहाल लवफ्ल्यूटर पहली डेट पर जाने के जगहों का सुझाव जरूर देती है. ऐप के सहसंस्थापक डियागो स्मिथ कहते हैं कि ये फीचर पहली डेट की तैयारी का प्रेशर कम करता है. टिंडर के संस्थापक शॉन राड कहते हैं, "एआई यूजर्स को अच्छा अनुभव देगा और संभव है कि आईफोन का वॉयस अस्सिटेंट सिरी भविष्य में एक मैचमेकर की भूमिका निभाए."

पूरी तरह आवाज से चलने वाली (वॉयस संचालित) ऐप एआईएमएम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पहले से ही परीक्षण कर रही है. इस ऐप के तकरीबन एक हजार यूजर्स हैं. जब यूजर इस ऐप को खोलता है तो मीठी से आवाज में ऑपरेटर उससे पूछता है कि आप अपनी पहली डेट में क्या करना चाहेंगे या कहां की यात्रा करना पसंद करेंगे.

इसके बाद यूजर को उसके व्यक्तित्व के मुताबिक जोड़ीदार बताए जाते हैं. अगर यूजर किसी को चुनता है तो फिर उसकी पूरी जानकारी ऐप उसे देती है. इसके कुछ दिनों बाद ऐप यूजर और उसके चुने गए पार्टनर के बीच फोन कॉल का समय तय करता है साथ ही पहली मुलाकात के लिए सलाह भी देता है. ऐप डेवलपर केविन तेमन कहते हैं, "ऐप आपको व्यक्तित्व के हिसाब से चीजें सुझाएगी, मसलन अगर यूजर परंपराओं को मानने वाला इंसान है तो मैं डिनर और वॉक का सुझाव दूंगा." पहली डेट के बाद ऐप उन लोगों की आगे की गतिविधियों पर भी नजर रखती है. वह देखती है कि दोनों यूजर एक दूसरे से मिल रहे हैं या नहीं.

डेटिंग ऐप बडू अब एआई और फेशियल रिकॉग्निशन (चेहरे की पहचान करने वाला)  फीचर का इस्तेमाल कर रहा है. इन फीचरों के चलते यूजर ऐसा मैच ढूंढ निकालते हैं जिसका चेहरा किसी न किसी से मिलता हो, मसलन उनके पंसदीदा सेलिब्रिटी या उनके पिछले बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड से. इस ऐप में यूजर किसी की तस्वीर अपलोड करते हैं और ऐप वैसा चेहरा ढूंढ निकालते हैं. दुनिया भर में करीब 40 करोड़ लोग इस ऐप को इस्तेमाल कर रहे हैं. हॉलीवुड अभिनेत्री किम कार्दशियन, गायिका बियोंसे जैसे चेहरे लोग सबसे अधिक ढूंढते हैं.

हालांकि दुनिया में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जिन्हें नहीं लगता कि आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के जरिए इंसान अपनी मोहब्बत खोज सकता है. इस तकनीक में शंका जाहिर करने वालों में एक नाम संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंटोनियो गुटेरेश का भी है. गुटरेश कहते हैं, "मुझे इसमें थोड़ा संदेह है कि ये लोगों को साथी खोजने में कुछ मदद कर सकता है."

एए/एनआर (एएफपी)

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  • तारीख 09.11.2018