अब ईरान में क्यों सुलगने लगी विरोध प्रदर्शनों की आंच | दुनिया | DW | 19.11.2019
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दुनिया

अब ईरान में क्यों सुलगने लगी विरोध प्रदर्शनों की आंच

ईरान में शुक्रवार से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक सुरक्षाबलों के तीन जवानों सहित पांच लोगों की मौत हुई है. बड़ी संख्या में गिरफ्तारी और इंटरनेट बंद करने के बावजूद ईरान में विरोध अभी थमता नहीं दिख रहा है.

ईरान में पेट्रोल की  कीमतें बढ़ाने का फैसला आने के बाद अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. सरकार के इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने की वजह से तीन दिनों तक स्थिति के बारे में ठीक ठीक कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी. देश भर में चल रहे प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 5 लोगों की मौत हुई है. मंगलवार की सुबह समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकारों ने सेंट्रल तेहरान में दो पेट्रोल स्टेशनों को जल कर भस्म होते देखा.

इसके अलावा कई और इमारतों और दूसरी चीजों को नुकसान पहुंचा है जिनमें एक पुलिस स्टेशन और पैदलयात्रियों के लिए बना ओवरपास भी है. पत्रकारों को वहां मौजूद दंगारोधी पुलिस के जवानों ने फिल्म बनाने से रोक दिया. राजधानी तेहरान के सभी प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में दंगारोधी पुलिस को तैनात किया गया है. इसके साथ ही बख्तरबंद गाड़ियां और पानी की तेज बौछार फेंकने वाली गाड़ियां भी हैं.

कई शहरों में प्रदर्शन

शुक्रवार को जब प्रदर्शन शुरू हुए तो ड्राइवरों ने चौराहों पर लाकर अपनी गाड़ियां खड़ी कर दीं और ट्रैफिक जाम कर दिया. इसके तुरंत बाद ही प्रदर्शन हिंसक हो गए और ईरान के 20 से ज्यादा शहरों में फैल गए. बैंक, पेट्रोल पंप और दूसरी सार्वजनिक संपत्तियों में आग लगा दी गई, दुकानों को लूटा गया. इससे पहले सरकार ने एलान किया था कि महीने में पहले 60 लीटर पेट्रोल की खरीद पर कीमत 50 फीसदी बढ़ाई जाएगी. इसके बाद खरीदी जाने वाली पेट्रोल की कीमतें 200 फीसदी बढ़ जाएगी.

इस एलान के बाद ही ईरान में प्रदर्शन शुरू हुए हैं. अमेरिकी प्रतिबंधों के लगाए जाने के बाद ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती गई है. पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 2015 के परमाणु करार से बाहर आने का एकतरफा एलान किया था. इसके साथ ही ईरान पर कड़े प्रतिबंध भी लगा दिए गए.

प्रदर्शन में हिंसा

ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर सरकार विरोधी खबरें नहीं दिखाई जातीं. हालांकि वहां नकाब पहने लोगों की सुरक्षाबलों से झड़प के वीडियो दिखाए गए हैं. सोमवार की रात प्रसारित एक नए वीडियो में एक शख्स को असॉल्ट राइफल से फायरिंग करते देखा जा सकता है जबकि वहां मौजूद बाकी लोग सुरक्षाबलों पर पथराव करते नजर आए. यह वीडियो अंडीमेश्क शहर का है.

हिंसा की ताजा घटना में कुछ लोग हाथों में चाकू और खंजर लहराते नजर आए और तेहरान में 3 लोगों  की हत्या कर दी. सोमवार की शाम आईएसएनए और फार्स न्यूज एजेंसी ने इस बारे में जानकारी दी. इन तीनों में एक की पहचान इस्लामिक रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोर्तजा इब्राहिमी के रूप में हुई है. फार्स के मुताबिक मोर्तजा एक नवजात बच्चे के पिता हैं. दूसरे लोगों में एक का नाम माजिद शेखी है जो 22 साल का है जबकि दूसरे मुस्तफा रेजाइ की उम्र 33 साल है. दोनों बासिज मिलिशिया के लिए काम करते हैं. बासिज मिलिशिया ईरान की सत्ता को समर्थन देने वाला एक स्वयंसेवी संगठन है.

अब तक इन विरोध प्रदर्शनों में पांच लोगों की जान गई है जो आगे चल कर बढ़ भी सकती है. अनधिकृत खबरों में 6 लोगों के मरने की बात कही जा रही है. दिसंबर 2017 में ईरान के कठिन हालात के विरोध में देश में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. यह प्रदर्शन ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशाद से शुरू हो कर जल्दी ही दूसरे शहरों में फैल गया था. इसमें 25 लोगों की जान गई थी.

इंटरनेट बंद

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. इंटरनेट पर विरोध प्रदर्शनों और उससे जुड़ी घटनाओं के तमाम वीडियो आए हैं हालांकि सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है. दुनिया भर में इंटरनेट के बंद होने की स्थिति का आकलन करने वाले वेबसाइट नेटब्लॉक्स ने ट्वीट किया है, "नेशनल कनेक्टिविटी सामान्य स्तर का महज पांच फीसदी है, ईरानी लोग पूरी दुनिया से कट गए हैं."

ईरान ने गुरुवार मध्य रात्रि से पेट्रोल की बढ़ी कीमतें और कोटा लागू करने का फैसला किया था. सरकार का कहना है कि इसका मकसद जरूरतमंद लोगों को नगद पैसे से मदद देना है. इस योजना को राष्ट्रपति, संसद के स्पीकर और न्याय व्यवस्था के प्रमुख की एक परिषद ने मंजूरी दी. योजना को ईरान के सुप्रीम नेता अयातोल्लाह अली खमेनेई का भी समर्थन है. राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कीमत बढ़ाने का यह कह कर बचाव किया है कि इससे हासिल हुई रकम का इस्तेमाल 6 करोड़ ईरानी लोगों को मदद देने के लिए किया जाएगा.

पश्चिमी प्रतिक्रिया

अमेरिका ने इस बीच "घातक बल" के प्रयोग के लिए ईरान की निंदा की है. अपने चिरशत्रु अमेरिका को जवाब देने में ईरान ने भी देरी नहीं लगाई. सोमवार को जब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने प्रदर्शनकारियों के बारे में ट्वीट किया "अमेरिका आपके साथ है" तो ईरान ने भी इसका कड़ा उत्तर दिया. जर्मनी ने सरकार और "वैध" प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की मांग की है तो फ्रांस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के प्रति समर्थन जताया है और मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है.

ईरानी न्याय विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को चेतावनी दी कि प्रशासन उन लोगों के साथ कड़ाई से पेश आएगा जो आगजनी कर रहे हैं और सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं. टीवी पर प्रसारित बयान में प्रवक्ता ने उन "देशद्रोहियों" के बारे में जानकारी देने को कहा है जो हिंसा कर रहे हैं.

एनआर/एमजे (एएफपी)

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जमीन के नीचे एक जिंदा शहर

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