अब अफगानिस्तान में बलात्कार और सेक्स गुलामी | दुनिया | DW | 30.07.2018
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दुनिया

अब अफगानिस्तान में बलात्कार और सेक्स गुलामी

अफगानिस्तान के एक सुदूर इलाके में जरीफा उस दिन को कभी नहीं भूल सकती जब इस्लामिक स्टेट के एक स्थानीय कमांडर ने अपनी वहशत से उसकी इज्जत को कुचला था.

तीन बच्चों की मां जरीफा बताती है कि यह आईएस कमांडर कुछ लोगों को लेकर उसके घर आया है और पैसे मांगने लगा, जिन्हें देने का वादा कथित तौर पर जरीफा के पति ने किया था.

वह कहती है, "मैंने उससे कहा कि हमारे पास कोई पैसा नहीं है और अगर हमारे पास कुछ हुआ तो हम उसके पास भिजवा देंगे. लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी और कहने लगा कि मुझे उसके आदमियों में से किसी एक से शादी करनी होगी और अपने पति को छोड़ कर उनके साथ जाना होगा."

जरीफा बताती है, "जब मैंने इनकार कर दिया, तो उसके साथ जो लोग आए थे वे मेरे बच्चों को दूसरे कमरे में ले गए और उसने बंदूक निकाली और कहा कि अगर मैं उसके साथ नहीं जाऊंगी तो वह मुझे मार देगा और मेरा घर हड़प लेगा. इसके बाद जो कुछ भी वह कर सकता था, उसने किया."

अफगानिस्तान में आईएस ने ऐसे जमाए पैर

तालिबान के राज में रहने वाले अफगानिस्तान ने बहुत बर्बरता देखी है. लेकिन इस्लामिक स्टेट ने दुनिया में बर्बरता की नई मिसालें कायम की हैं. अपने विरोधियों के सिर कलम करने या फिर उन्हें विस्फोटकों पर बिठाने वाले आईएस के वीडियो दुनिया ने देखे हैं. लेकिन सीरिया और इराक में आईएस लड़ाके कम उम्र लड़िकयों या महिलाओं से जबरदस्ती शादियां और बलात्कार के लिए बहुत कुख्यात रहे हैं.

अफगानिस्तान में ऐसे मामले अभी तक सुनने में नहीं आए थे. अब अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत नंगरहार से ऐसी खबरें मिल रही हैं. 2014 में पहली बार इसी प्रांत में आईएस ने पैर जमाने शुरू किए थे. दक्षिणी प्रांत जाबुल में भी आईएस की गतिविधियां बढ़ रही हैं.

रुढ़िवादी अफगान समाज में यौन उत्पीड़न के मामले अकसर दबा दिए जाते हैं. इसलिए यह पता लगाना भी मुश्किल है कि कितने बड़े पैमाने पर चरमपंथी महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं.

जरीफा के प्रांत जोवजजान में इस्लामिक स्टेट की मौजूदगी बढ़ रही है. तुर्कमेनिस्तान से लगने वाले इस इलाके को स्मगलिंग रूट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जिसका फायदा आईएस भी उठा रहा है. वह विदेशी लड़ाकों के साथ साथ स्थानीय बेरोजगार अफगान युवकों को भर्ती कर अमेरिका समर्थित अफगान सैन्य बलों और तालिबान, दोनों से लोहा ले रहा है.

क्या कभी सुधरेंगे अफगानिस्तान के हालात?

जरीफा के साथ जो कुछ हुआ उसके बाद उसे जोवजजान प्रांत के दक्षिणी जिले दरजाब का अपना घर छोड़ना पड़ा और प्रांतीय राजधानी शेबेरगान में रहने लगी. वह कहती है, "मेरा पति एक किसान था और मैं उसका और अपने पड़ोसियों का सामना नहीं कर सकती थी, इसलिए खतरे के बावजूद मैंने वह जगह छोड़ दी."

जरीफा के जैसी ही कहानी समीरा की भी है. वह भी दरजाब में अपना घर छोड़ कर अब शेबेरगान में रहती है. वह बताती है कि आईएस लड़ाके उसके घर आए और उसकी 14 साल की बहन को अपने कमांडर के पास ले गए. वह कहती है, "उसने उसके साथ शादी नहीं की. लेकिन बलात्कार किया. उसके लड़ाकों ने भी बलात्कार किया. यहां तक गांव के मुखिया ने भी मेरी बहन की इज्जत लूटी जो खुद आईएस समर्थक था."

वीडियो देखें 01:11

अफगानिस्तान में अफीम को खत्म करता वीडियो गेम

समीरा बताती है, "मेरी बहन 10 महीने तक आईएस लड़ाकों के पास रही. इसके बाद वह वहां से भाग निकली और अब वह हमारे पास है. लेकिन शर्मिंदगी की वजह से मैं अपने आसपास किसी से यह बता नहीं कह सकती हूं."

समीरा और जरीफा जो कहानियां बता रही हैं, ऐसी कई और कहानियां सामने आई है, क्योंकि हाल में हजारों लोग दरजाब छोड़ कर भागे हैं. तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद कहते हैं, "इस्लामिक स्टेट ने दरजाब में बहुत अत्याचार किए हैं जिन्हें बयान नहीं किया जा सकता. आईएस किसी नियम कानून को नहीं मानता है और जिस तरह की कहानियां लोग बयान कर रहे हैं, उन्हें लेकर कोई शक नहीं है."

अफगानिस्तान में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसे आईएस का प्रवक्ता कहा जाए. लेकिन अफगान अधिकारी भी दमन और उत्पीड़न से जुड़े मामलों की पुष्टि करते हैं. उनका कहना है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट एक नई विचारधारा थोपने की कोशिश कर रहा है.

सीरिया में 2015 में मिले दस्तावेजों से पता चलता है कि आईएस किस तरह महिलाओं को सेक्स गुलाम बनाने के लिए कैद रखता है. अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद रादमानीश कहते हैं, "यह पूरी तरह हमारी संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ है." वह कहते हैं कि दरजाब अकेली जगह नहीं है जहां से इस्लामिक स्टेट के हाथों बलात्कार और महिलाओं को यौन गुलाम बनाए जाने की रिपोर्टें मिली हैं.

दरजाब में रहने वाली एक महिला कामिला कहती है कि उनके इलाके से आईएस लड़ाके तीन लड़कियों को अपने साथ ले गए. वह बताती है, "जब ये लोग हमारे इलाके में आए तो सबको पता था कि आईएस यहां पर क्या करने आया है."

कामिला के मुताबिक, "वे किसी घर से एक लड़की या महिला को चुनते हैं और उसे अपने साथ ले जाते हैं. पहले वे कहते हैं कि हमें इनसे शादी करनी है. लेकिन जब वे ले जाते हैं तो फिर उनका बलात्कार किया जाता है."

एके/एनआर (रॉयटर्स)

इराक से इन्होंने आईएस को समेटा

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