अपराध तय करने की उम्र को लेकर जर्मनी में छिड़ी नई बहस | दुनिया | DW | 10.07.2019
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दुनिया

अपराध तय करने की उम्र को लेकर जर्मनी में छिड़ी नई बहस

12 साल के दो और 14 साल के तीन किशोरों को पुलिस म्यूलहाइम शहर में हुए बलात्कार के एक मामले में आरोपी मान रही है. इस पूरे मामले ने नई बहस छेड़ दी है कि आखिर किस उम्र में अपराध तय किए जाने चाहिए.

जर्मनी के म्यूलहाइम शहर में एक महिला के साथ हुए बलात्कार मामले में पुलिस ने बतौर संदिग्ध 12 साल के दो और 14 साल के तीन किशोरों को गिरफ्तार किया था. इस घटना के कुछ दिन बाद ही 8 जुलाई को म्यूलहाइम शहर में ही यौन शोषण से जुड़ा एक नया मामला सामने आया. अभियोजन पक्ष ने बताया कि इस मामले में एक 15 साल की लड़की को 11 से 17 साल की उम्र के पांच लड़कों ने घेर लिया और उसके साथ छेड़खानी की.

अभियोजन पक्ष अब किशोरों की जांच कर रहा है. जर्मन कानून 11 साल के कम उम्र के किशोरों पर मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं है. जर्मन कानून में सिर्फ 14 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों पर ही मुकदमा चलाया जा सकता है. वहीं, बलात्कार मामले में 12-12 साल के दो किशोरों के नाम सामने आने से लोग भी हैरान परेशान हैं. इस मामले में 14 साल के तीन और 12 साल के दो किशोरों को पुलिस मुख्य संदिग्ध मान रही है.

जर्मन पुलिस के संघ जीडीपी के प्रमुख राइनर वेंड का कहना है कि इस तरह के विशेष मामले में आपराधिक मुकदमा चलाने की उम्र को 12 साल कर दिया जाना चाहिए. वहीं इस मामले में जर्मनी के न्यायाधीशों का संगठन किसी आपराधिक मामले के लिए आयु सीमा घटाने के खिलाफ है. एसोसिएशन के अध्यक्ष येंस गिनीजा ने समाचार एजेंसी डीपीए से कहा, "किशोर न्याय ने स्वयं को बतौर सिद्धांत साबित किया है. इसके तहत किए गए शैक्षणिक कार्यों के चलते किशोरों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में कमी आई है."

वहीं जर्मन चाइल्ड प्रोटेक्शन एसोसिएशन ने भी आपराधिक मामलों में उम्र घटाने के सुझाव का विरोध किया है. एसोसिएशन की डिप्टी मैनेजिंग एडिटर मार्टिना हूक्जोल-फॉन आन ने कहा कि इस मामले में यूथ वेलफेयर ऑफिस को जवाब देना चाहिए और व्यक्तिगत मामलों में बच्चे के व्यवहार को देखना चाहिए.

इन मामलों ने जर्मनी में कानून में बदलाव से जुड़ी एक नई बहस को जन्म दे दिया है. मामले में नाम आने के बाद पांचों संदिग्धों को उनके स्कूल से सस्पेंड कर दिया गया. मौजूदा कानून के तहत 14 साल से कम उम्र का कोई किशोर अगर अपराध करता है तो जिम्मेदारी उसके मां-बाप, कानूनी अभिभावक या स्थानीय यूथ वेलफेयर ऑफिस पर ठहराई जाती है.

अन्य देशों के मुकाबले

इंग्लैंड के मुकाबले जर्मनी में आपराधिक जिम्मेदारी की उम्र काफी ज्यादा है. इंग्लैंड में यह जिम्मेदारी 10 साल की उम्र में तय हो सकती है. स्कॉटलैंड में यह उम्र 8 साल है लेकिन अदालत तक ले जाने के लिए बच्चे की उम्र न्यूनतम 12 साल होनी चाहिए. वहीं अमेरिका में मामला थोड़ा जटिल है जहां संघीय अपराधों के लिए आपराधिक जिम्मेदारी की उम्र 11 साल है जबकि अधिकतर राज्यों में अपराध की कोई न्यूनतम उम्र तय ही नहीं की गई है. 

एए/आरपी (डीपीए, एएफपी)

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