अध्याय 12: श्रोताओं के पत्र | Radio D Teil 1 | DW | 10.12.2010
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Radio D Teil 1

अध्याय 12: श्रोताओं के पत्र

अगर कोई बात समझ में न आए, तो सवाल करना एक अच्छा तरीका है. प्रोफेसर पिछले अध्यायों में आए सवालों पर श्रोताओं को जवाब देते हैं: यह विषयों को दोहराने व समझ बढ़ाने का एक अच्छा मौका है.

आपके पत्र: प्रोफेसर साहब के लिए खूब काम.

आपके पत्र: प्रोफेसर साहब के लिए खूब काम.

श्रोता पूछते हैं, प्रोफेसर जवाब देते हैं. सभी सवालों की गहराई तक पहुंचा जा रहा है. श्रोताओं के लिए बड़ा अच्छा मौका है कि विषयों को दोहराया जाए व अपनी समझ बढ़ाई जाए या सिर्फ ऐसे सवाल पूछे जाएं,जिनके बारे में वे हमेशा जानना चाहते थे.

श्रोताओं के सवाल: किस परिस्थिति में किस संबोधन का प्रयोग होता है ? कहां सर्वनाम और कहां उपाधि का प्रयोग करना है ? "denn" (डेन), "doch" (डॉख) और "eigentlich" (आइगेंटलिष) जैसे शब्दों के क्या अर्थ हैं और nicht (निष्ट) nichts (निष्ट्स) में क्या अंतर हैं?

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