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डीडीसीए घोटाले में जेटली के इस्तीफे की मांग

समरा फातिमा१७ दिसम्बर २०१५

आम आदमी पार्टी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए के अध्यक्ष रहते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. आरोपों के बीच आप और कांग्रेस पार्टी ने जेटली के इस्तीफे और प्रधानमंत्री से सख्त कदम उठाने की मांग की.

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तस्वीर: Reuters

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके दावा किया है कि दिल्ली जिला क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अरुण जेटली ने गंभीर घोटाले किए. आप ने वित्त मंत्री जेटली के इस्तीफा ना देने की स्थिति में प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें फौरन बर्खास्त करने की मांग की है. कांग्रेस ने भी मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया जाए और तब तक निश्पक्ष जांच के लिए अरुण जेटली इस्तीफा दें.

आम आदमी पार्टी के मुताबिक दिल्‍ली सरकार द्वारा बिठाई गई कमिटी की जांच में डीडीसीए में भ्रष्‍टाचार सामने आया. डीडीसीए में चयन प्रक्रिया में घोटाला और बिलों से संबंधित भ्रष्‍टाचार हुआ है. उनका आरोप है कि दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए डीडीसीए ने 24 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया था, लेकिन खर्च 114 करोड़ किया गया. उनका आरोप है कि पैसों का भुगतान किसे किया गया इसका सही ब्यौरा नहीं है. आप के मुताबिक फर्जी कंपनियों के जरिए डीडीसीए से धन निकाला गया. उनके मुताबिक डीडीसीए ने पांच ऐसी कंपनियों को भुगतान किया जिनके रजिस्टर्ड कार्यालय, आधिकारिक ईमेल, निदेशक और शेयरधारक एक ही व्यक्ति से संबंधित थे. अरुण जेटली 1999 से 2013 तक दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले दिनों उनके कार्यालय पर हुए सीबीआई के छापे का मकसद अरुण जेटली से संबंधित डीडीसीए की फाइलों की छानबीन था. सीबीआई और केंद्र ने इन आरोपों का खंडन किया है. जेटली पर आरोपों का एलान करने से दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई के छापे के बाद केजरीवाल ने गुस्से का इजहार किया था. उन्होंने इस घटना के पीछे केंद्र को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री को 'कायर' और 'साइको' तक कह डाला था.

केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, "सीबीआई मेरे कार्यालय में डीडीसीए की फाइल पढ़ती रही. वे इसे जप्त कर लेते लेकिन मेरे मीडिया से बात करने के बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया. स्पष्ट नहीं है कि क्या वे इसकी कॉपी अपने साथ ले गए हैं."

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा, "डीडीसीए में हुई अनियमितता गंभीर मामला है, इसलिए, इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए और सख्त कदम उठाए जाने चाहिए. डीडीसीए का मामला हल्का नहीं पड़ना चाहिए और राजनीतिक विवाद में खटाई में नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि इनमें गंभीर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया है."