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भाषा को बिगाड़ता बॉलीवुड

४ जुलाई २०११

बात लोकपाल विधेयक पर जारी खींचतान की हो या फिर बॉलीवुड फिल्मों में गिरते भाषा के स्तर की, सभी खबरों पर डॉयचे वेले के पाठकों ने अपनी बात कही. डॉयचे वेले हिंदी के रेडियो कार्यक्रम बंद होने पर बहुतों को अफसोस.

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किरण राव अपनी फिल्म का बचाव करती हैंतस्वीर: AP

मैं पॉडकास्ट पर बीते हफ्ते के कार्यक्रम सुनने के लिए डीडब्ल्यू हिंदी साइट देख रहा था. पॉडकास्ट पर कार्यक्रमों की लिस्ट नहीं थी और इंटरनेट पर रेडियो बंद करने के बारे में कुछ खत पढ़ने को मिले. मुझे कल ही ग्रैहम लूकस का इंटरनेट पर हिंदी रेडियो सेवा 1जुलाई से बंद करने के बारे में खत मिला और मामला समझ में आया. जो डर हमें पिछले वर्ष से सता रहा था, वह सच होने जा रहा है. कहीं ऐसा ना हो कि आपने डीडब्ल्यू हिंदी साइट भी अगले 30 जून 2012 से बंद करने का फैसला ले लिया हो. बहुत से देश हिंदी बंद करने के पीछे क्यों पड़े है यह समझ नहीं आ रहा है.

संदीप जावले, मार्कोनी डीएक्स क्लब, परली वैजनाथ, महाराष्ट्र

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"सही मसौदा पेश नहीं हुआ तो अनशन होगा" - अन्ना हजारे का जन लोकपाल बिल दलित विरोधी व अल्पसंख्यक विरोधी है. अगर यह बिल मौजूदा स्वरुप में पास हो जाता है तो एक लाख अनुसूचित जाति/जनजाति केंद्रीय सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इस कानून के सबसे अधिक शिकार होंगे.

Indien Hungerstreik von Aktivist Anna Hazare gegen Korruption in New Delhi
तस्वीर: dapd

राजेंद्र राम, फेसबुक से
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डीके बोस" सिर्फ मजाकिया गानाः किरण - आमिर और उनकी पत्नी किरण ने कहा कि उनकी फिल्मों में अनैतिक भाषा नहीं रहती जबकि यह सच है कि आमिर खान की अधिकांश फिल्मों में बुरी भाषा होती है जैसे कि थ्री इडियट्स और पीपली लाइव. यहां तक कि एक सीन तो अंग्रेजी विज्ञापन में से नकल किया गया है जिसे मैंने इस फिल्म के रिलीज होने के तीन साल पहले देखा था (थ्री इडियट्स में इम्तेहान देते हुए सीन). मुझे उम्मीद है कि लोग गुणवता देखते हुए न्याय करेंगे, लेकिन हमारे भारतीय समाज में बुरी भाषा की कोई जगह नहीं है.

एस कुमार, फेसबुक से

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बाबा रामदेव काले धन को तो देश में लाने के लिए अनशन करते हैं मगर देश के मंदिरों में मौजूद अकूत दौलत को गरीबों में बांटने की बात क्यों नहीं करते.

कुमार गौरव, फेसबुक से

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प्राचीनकाल से ही भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में अकूत सम्पत्ति की चर्चाएं होती रही हैं, जो आज भी सच हो रही है.!!!"

पंकज एम त्रिपाठी आचार्य, फेसबुक से

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डीडब्ल्यू हिंदी के सारे लोगों को मेरा प्यार भरा नमस्कार...डीडब्ल्यू हिंदी सेवा बंद करने का समाचार सुन कर बड़ा ही दुख हुआ. इसी सेवा के माध्यम से हम लोग जर्मनी के लोगों से जुड़े थे. कृपया इसे बंद मत कीजिए हमारे सभी जर्मन दोस्तों से हमें जुदा मत कीजिए.

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ओम प्रकाश गुप्ता, फेसबुक से

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अंतरा को आपने फेसबुक पर ला दिया, बहुत अच्छा किया. कजरी पर दी गयी आपकी जानकारी भी बहुत अच्छी लगी. इस रिपोर्ट के लिए आप लोगो का बहुत बहुत धन्यवाद. आपकी रिपोर्ट पढ़ने से पहले मुझे कजरी के बारे इतनी जानकारी नही थी.

सतीश चंद मद्धेशिया, फेसबुक से

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संकलनः विनोद चढ्डा

संपादनः ए कुमार

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