1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

पुल पर ट्रक चलने से चार्ज होगा मोबाइल

२७ जून २०११

सोचिए कि एक ट्रक पुल पार कर रहा है और उसकी वजह से आपका मोबाइल फोन चार्ज हो रहा है. बात चौंकाने वाली जरूर है लेकिन खास किस्म के सेंसर ध्वनि तरंगों व कंपन को ऊर्जा में बदल सकते हैं. वैज्ञानिकों को इसमें कामयाबी मिल रही है.

https://p.dw.com/p/11jvZ
तस्वीर: AP

ऐसे दिन दूर नहीं है जब आपके अंगुलियों से खेलने या चिल्लाने से म्यूजिक प्लेयर चार्ज हो जाएगा. प्रतिष्ठित अमेरिकी संस्थान जॉर्जिया टेक इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे प्रोटोटाइप सेंसर तैयार कर लिया है जो कुछ मीटर दूर तक वायरलैस सिग्नल भेजने लायक इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा कर सकता है.

और ज्यादा सुधार करने पर इस तकनीक के जरिए दूसरे काम भी किए जा सकते हैं. मसलन पुल पार करते ट्रक से छोटा मोटा इलेक्ट्रिक उपकरण चार्ज हो जाएगा, साथ ही पुल कितना मजबूत है यह भी पता लग सकेगा. ट्रक की वजह से पुल से निकले वाली तरंगे बहुत ज्यादा हुई तो पता चल जाएगा कि पुल बहुत मजबूत नहीं है.

जॉर्जिया टेक के जोंग लिन वांग कहते हैं कि जिंक ऑक्साइड से तैयार की गई डिवाइस मुड़ने पर इलेक्ट्रिक चार्ज पैदा करती है. ऐसा ही गुण कुछ क्रिस्टलों जैसे क्वार्ट्ज और गन्ने से बनी चीनी के कणों में भी दिखाई पड़ते हैं. वांग के मुताबिक मौजूदा दौर में कार के टकराने पर इस तरह के सेंसर एयरबैग को ऑन कर देते हैं. इन्हीं सेंसरों और उन्हें बनाने में शामिल तत्वों की गहराई से पड़ताल करने पर पता चला है कि ये इलेक्ट्रिक चार्ज छोड़ते हैं.

वांग और उनके साथियों ने पाईजोनइलेक्ट्रिक नैनोवायर की एक परत पॉलिस्टर की लचकदार सतह पर लगाई. फिर इसे दो मेटल इलेक्ट्रोड्स के बीच दबा दिया गया. इसके बाद रिसर्च टीम ने इसे कैपेसिटर के जरिए रेडियो ट्रांसमीटर से जोड़ दिया. ट्रांसमीटर में चुटकी बजाने से जब तरंगे पैदा की गई तो पता चला कि नैनो जेनरेटर आवेश पैदा कर रहा है. आवेश कैपेसिटर में स्टोर भी होने लगा. 10 वोल्ट की क्षमता वाला कैपेसिटर से 0.6 माइक्रोएमपीएस बिजली निकाली जा सकी.

एमआईटी के इलेक्ट्रिक इंजीनियर जोसेफ पैराडिसो के मुताबिक पनचक्कियों, पवनचक्कियों और सौर ऊर्जा के जरिए इससे ज्यादा बिजली पैदा की जाती है लेकिन यह प्रयोग भी कम उत्साहित करने वाला नहीं है. पैराडिसो के मुताबिक यह जानना उपयोगी है कि किस तरह की तकनीक से किन किन चीजों के लिए आसानी से बिजली पैदा की जा सकती है. वह कहते हैं, "मुझे लगता है कि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं."

प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में माइकल मैकअल्पाइन की टीम भी ऐसी ही रिसर्च में जुटी है. मैकअल्पाइन शरीर के हिस्सों के लिए पाइजोइलेक्ट्रिक डिवाइस बनाने चाह रहे हैं. ऐसे यंत्र जो सांस लेने, दिल के धड़कने, नाड़ियों के चलने, बोलने और कदमों की आहट से बिजली पैदा कर सके. दक्षिण कोरिया में भी इस पर रिसर्च चल रही है. पैराडिसो कहते हैं, "बिना कुछ किए आपका एक कदम करीब एक वॉट बिजली पैदा कर सकता है."

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: एस गौड़